केंद्रीय मंत्री ने किया बीपीएससी अभ्यर्थियों का समर्थन, दोबारा परीक्षा कराने की मांग
पटना। पीएम मोदी के हनुमान और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पिछले महीने हुई बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा को रद्द करने की अभ्यर्थियों की मांग का समर्थन किया है। चिराग ने कहा कि उन्हें परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के बारे में उनके करीबी रिश्तेदारों से पता चला है, जो परीक्षा में शामिल चार लाख अभ्यर्थियों में शामिल हैं। चिराग की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का हिस्सा है।
चिराग से जब 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा पर उनके रुख के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरे परिवार के कई सदस्यों, भतीजी और एक भतीजे ने भी परीक्षा दी थी। उनसे परीक्षा में हुई चूक के बारे में जाना है। चिराग ने कहा कि उन्हें बताया गया कि कई केंद्रों पर, प्रश्नपत्र पर्याप्त संख्या में नहीं थे। इसलिए, इन्हें आधिकारिक तौर पर परीक्षा शुरू होने के बाद छापा गया।
केंद्रीय मंत्री चिराग ने दावा किया कि कुछ ही समय बाद ये प्रश्नपत्र व्हाट्सएप और‘एक्स’ जैसे सोशल मीडिया मंचों पर सभी के लिए उपलब्ध हो गए थे। उन्होंने इन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिए जाने के लिए बीपीएससी अधिकारियों की आलोचना की और पूछा कि अगर आयोग को इतना यकीन था कि सब कुछ ठीक है, तो उसने एक केंद्र के लिए फिर से परीक्षा का आदेश क्यों दिया?
पिछले महीने राज्य के 911 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें बापू परीक्षा केंद्र भी शामिल है, जहां 12 हजार अभ्यर्थियों को फिर से परीक्षा देने का आदेश दिया गया था। चिराग पासवान इस बात से हैरान थे कि इस महीने की शुरुआत में 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराई गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे अन्य अभ्यर्थियों की इस दलील का पूरी तरह से समर्थन देते हैं कि उन्हें समान अवसर नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि सिर्फ एक या दो केंद्रों के लिए नहीं बल्कि पूरी परीक्षा रद्द कर देनी चाहिए और नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए। बीपीएससी को यह तय करना चाहिए कि मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। मैंने पहले भी यह राय व्यक्त की है और जब तक युवाओं की आवाज नहीं सुनी जाती, मैं ऐसा करना जारी रखूंगा।

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