भारत में पहले महंगे मॉडल लॉन्च करेगी टेस्ला
नई दिल्ली । अमेरिकी उदयोगपति एलन मस्क की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला इस साल के अंत तक भारत में अपने परिचालन की शुरुआत करने के लिए तैयार है। कंपनी टॉप-डाउन अप्रोच अपनाते हुए पहले महंगे मॉडल लॉन्च करेगी और बाद में किफायती इलेक्ट्रिक कारें बाजार में उतारेगी।
टेस्ला अपनी बर्लिन गीगाफैक्ट्री से पूरी तरह से असेंबल्ड मॉडल वाई को भारत में आयात करने की योजना बना रही है। यह इलेक्ट्रिक एसयूवी यूरोप में राइट-हैंड ड्राइव कॉन्फिगरेशन में निर्मित होती है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा घोषित नई आयात शुल्क संरचना के तहत हाई-एंड कारों पर शुल्क को 110 प्रतिशत से घटाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके चलते टेस्ला मॉडल वाई की अनुमानित कीमत 60-70 लाख रुपये होगी। हालांकि, शंघाई में निर्मित राइट-हैंड-ड्राइव मॉडल 3 की भारत में जल्द एंट्री की संभावना कम है, क्योंकि चीनी कार आयात पर कुछ प्रतिबंध लागू हैं। औद्योगिक विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्तमान में टेस्ला के वाहनों की भारत में स्थानीय असेंबली की कोई योजना नहीं है। हालांकि, भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार इन योजनाओं में बदलाव हो सकता है। टेस्ला ने पहले ही पुणे में अपना कार्यालय स्थापित कर लिया है और अब मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) और दिल्ली की एरोसिटी में अपने पहले शोरूम के लिए उपयुक्त स्थानों की तलाश कर रही है।
कंपनी भारत में अपने संचालन को मजबूत करने के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती कर रही है। टेस्ला ने बिजनेस ऑपरेशन एनालिस्ट, सर्विस टेक्नीशियन, कस्टमर एंगेजमेंट मैनेजर और ऑर्डर ऑपरेशंस स्पेशलिस्ट सहित कम से कम 13 नई भूमिकाओं के लिए विज्ञापन जारी किया है। ये भर्तियां मुख्य रूप से मुंबई और दिल्ली में की जा रही हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क से मुलाकात की थी। इस दौरान स्पेस, मोबिलिटी, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। एलन मस्क ने भारतीय बाजार के लिए अधिक किफायती टेस्ला मॉडल विकसित करने की इच्छा जताई है।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की