मानवता शर्मसार: गड़ा धन पाने के अंधविश्वास में 7 साल की बच्ची की नरबलि, भाई-भाभी पर आरोप
मुंगेली/ एक ओर हम 21वीं सदी में है, जहां इंसान चांद पर पहुंच गया है वहीं आज भी ग्रामीण इलाकों में लोग तंत्र-मंत्र और जादू-टोना जैसे अंधविश्वास के चलते अपराध को अंजाम दे रहे हैं. छत्तीसगढ़ के मुंगेली से मानवता को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है. जहां चचेरे भाई और भाभी ने ही एक सात साल की मासूम बच्ची की नरबलि दे दी ताकि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ धन मिल सके. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच की जा रही है.
जी हां, ये खौफनाक और दिल को दहला देने वाला मामला मुंगेली जिले के लोरमी के कोसाबाड़ी गांव का है. जहां जादू टोना के अंधविश्वास के चलते 12 अप्रैल 2025 को पूनम की रात गड़ा हुआ धन पाने के लालच में सात साल की मासूम बच्ची लाली गोस्वामी का अपहरण किया. उसके ही रिश्तेदारो ने कोसाबाड़ी के शमशान घाट में ले जाकर मासूम बच्ची की नरबलि दे दी. रिश्तेदारो में बच्ची का चचेरा भाई, भाभी, एक तांत्रिक और दो अन्य लोग शामिल हैं. घटना के एक महीने बाद कोसाबाड़ी शमशान घाट में. नरकंकाल मिला. पुलिस ने शक के आधार पर नरकंकाल का DNA टेस्ट बच्ची के माता पिता से मैच करवाया गया. डीएनए टेस्ट में बच्ची की पहचान हुई.
बेटी बचाओ न्याय यात्रा निकाली
पूरे मामले को लेकर प्रदेश में राजनीति भी गरमा गई. पीसीसी चीफ दीपक बैज के नेतृत्व में ग्राम कोसाबाड़ी से लोरमी तक बेटी बचाओ न्याय यात्रा भी निकाली गई. पूरे मामले को सुलझाना मुंगेली पुलिस के लिए टेढ़ी खीर बन गया था. मामले में राजनीति गरमाने के बाद लोरमी विधायक और उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि वह लगातार बच्ची के परिजनों के संपर्क में हैं. मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
नार्को टेस्ट में सच आया सामने
एसपी मुंगेली भोज राम पटेल ने बताया कि संदेहियों की ब्रेन मैंपिंग और नार्को टेस्ट करवाया गया. इसमें सच सामने आया है कि चचेरे भाई, भाभी, एक तांत्रिक और दो अन्य लोगों ने मिलकर मासूम बच्ची की बलि दी है. सभी आरोपी तंत्र-मंत्र की मदद से और बच्ची की बलि देने के बाद जमीन में गड़ा हुआ धन पाना चाहते थे. बच्ची का अपहरण कर शमशान में बलि चढ़ाते हुए नृशंस हत्या कर दी थी. पूरे घटनाक्रम में चार महीने बाद जाकर खुलासा हुआ है. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है.

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