जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र में कम हो रही ऑक्सीजन
जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र में ऑक्सीजन की कमी होती जा रही है। इसका पानी लगातार एसिडिक होता जा रहा है, जिस वजह से समुद्र की सतह पर तेजी से तापमान बढ़ रहा है। समुद्र में ऑक्सीजन की कमी के कारण महासागर के जीवों, मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वालों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। कहा जा रहा है, इस वजह से मछली उत्पादन के केंद्र भी बदल जाएंगे।स्विजरलैंड के ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के रिसर्चर जोल वांग ने ये सब देखते हुए जापान और चीन को लेकर डर जाहिर किया है। उन्होंने कहा, जापान और चीन जैसे कई देशों के तटीय इलाकों में मछलियों की कमी होने लगेगी।
बढ़ते तापमान की वजह से मछलियां समुद्र में स्थाई प्रवास करेंगी। इसका एक कारण इंसानी गतिविधियां भी हैं, जगह जगह पर जंगल का जलना, कूढ़े-कचरे के ढेर ने गर्मी को बढ़ावा दिया है। रिसर्चर जोल वांग आगे कहते हैं, अगर ऐसा ही रहा तो आने वाली स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा। धरती के 20 प्रतिशत हिस्से में समुद्र की हालत बहुत बेकार होती जा रही है।वहीं इससे पहले अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने भी ऑक्सीजन की कमी पर चेतावनी जारी की थी। उन्होंने कहा था, कि दुनियाभर में 700 स्थानों की पहचान की गई है, जहां ऑक्सीजन की मात्रा कम है। वहीं उससे पहले 1960 में ऐसे केवल 45 स्थान थे, जहां ऑक्सीजन की कमी है। फिर धीरे-धीरे बढ़कर ऐसे स्थानों की संख्या चार गुना हो गई है।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की