नीति आयोग रिपोर्ट: ओडिशा, छत्तीसगढ़ और गुजरात की वित्तीय सेहत मजबूत
वित्तीय सेहत के मामले में ओड़िशा, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात जैसे राज्यों की स्थिति मजबूत दिख रही है, वहीं पंजाब, आंध्र प्रदेश, बंगाल, केरल की वित्तीय सेहत खराब है। इन राज्यों की सरकार को वित्तीय सेहत में सुधार के लिए काफी प्रयास करने होंगे।
18 बड़े राज्यों की वित्तीय सेहत का सूचकांक जारी
नीति आयोग ने देश के 18 बड़े राज्यों की वित्तीय सेहत का सूचकांक शुक्रवार को जारी किया है। यह सूचकांक वित्त वर्ष 2022-23 में राज्यों के वित्तीय प्रदर्शन पर तैयार किया गया है। इसमें ओड़िशा पहले स्थान पर तो पंजाब अंतिम स्थान पर रहा। दूसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ तो तीसरे स्थान पर गोवा रहा। आंध्र प्रदेश नीचे से दूसरा तो बंगाल नीचे से तीसरे स्थान पर रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब, बंगाल व केरल की वित्तीय स्थिति पिछले नौ सालों से चुनौतीपूर्ण रही है। वहीं, झारखंड की वित्तीय स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हुई है। सूचकांक में झारखंड चौथे स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश सातवें, बिहार 13वें, हरियाणा 14वें तो मध्य प्रदेश नौवें स्थान पर है।
सूचकांक पांच पैमानों को ध्यान में रखकर तैयार किया
वित्तीय सेहत का सूचकांक पांच पैमानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें गुणवत्ता वाले खर्च, राज्यों की तरफ से अपने प्रयास से जुटाए गए राजस्व, राजकोषीय घाटे की स्थिति, राज्यों पर कुल कर्ज और कर्ज के भुगतान में हो रही कमी या बढ़ोतरी को शामिल किया गया है। गुणवत्ता वाले खर्च में शिक्षा व अस्पताल जैसे सामाजिक कार्यों के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर होने वाले खर्च शामिल है।
कई राज्य अपने स्तर पर पर्याप्त राजस्व नहीं जुटा पा रहे
आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब, केरल व बंगाल जैसे राज्य पिछले कई सालों से कर्ज के जाल में फंसे हुए हैं। ये राज्य अपने स्तर पर पर्याप्त राजस्व नहीं जुटा पा रहे हैं। कर्ज भुगतान की दर अधिक होने से इन राज्यों में पूंजीगत व सामाजिक विकास कार्यों पर भी अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम खर्च हो रहे हैं।
कर्ज सूचकांक के मामले में हरियाणा की स्थिति अच्छी नहीं
बिहार में गुणवत्ता वाले खर्च में तो बढ़ोतरी दिख रही है, लेकिन बिहार अपने स्तर पर पर्याप्त राजस्व जुटाने में अभी सक्षम नहीं है। बिहार का राजकोषीय घाटा भी अधिक है। राजकोषीय घाटे के प्रबंधन में झारखंड, गोवा, गुजरात जैसे राज्यों की स्थिति काफी अच्छी है। कर्ज सूचकांक के मामले में हरियाणा की स्थिति अच्छी नहीं है।

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