महाराष्ट्र में नए सियासी समीकरण बनने लगे
मुंबई । महाराष्ट्र में अजित पवार गुट के नेता छगन भुजबल हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने उनके सागर बंगले पर पहुंचे। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के चलते भुजबल नाराज चल रहे थे। अब सीएम फडणवीस से उनकी मुलाकात से सवाल उठ रहा है कि क्या एनसीपी नेता बीजेपी में शामिल हो सकते है। गौरतलब है कि मंत्री पद न मिलने पर एनसीपी नेता भुजबल ने अजित पर तंज कसा था। कुछ दिन पहले उन्होंने कहा था कि फडणवीस उन्हें कैबिनेट में शामिल करना चाहते थे, लेकिन अजित पवार ने ऐसा होने नहीं दिया। एनसीपी के लिए अजित पवार फैसले लेते हैं। इसके बाद भुजबल ने कहा था, जहां चैन नहीं, वहां रहना नहीं।इसके पहले भुजबल से कई ओबीसी वर्ग के संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की थी। भुजबल को महाराष्ट्र सरकार में शामिल नहीं किया गया, इससे वे नाराज चल रहे हैं। इससे नाराज भुजबल राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में शामिल नहीं हुए थे। वहीं, उन्होंने बताया था कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से ओबीसी नेताओं ने मुंबई में एक बैठक की और फिर शहर में उनसे मुलाकात की। वह उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने पर हैरान थे। संगठनों ने दावा किया है कि भुजबल जो भी रुख अपनाएंगे, वे समर्थन को तैयार है।
क्या मैं खिलौना हूं?
भुजबल ने कहा नाशिक से लोकसभा चुनाव लड़ने का सुझाव दिया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। जब वह राज्यसभा जाना चाहते थे, तब उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा गया। भुजबल ने कहा, क्या मैं खिलौना हूं? आप कहें खड़ा हो जाऊं, जब आप कहें बैठ जाऊं?

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की