बीजेपी को झटका: बिहार चुनाव से पहले विधायक मिश्री लाल यादव की सदस्यता रद्द
बिहार विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की संख्या कम हो गई है. बीजेपी विधायक मिश्री लाल यादव की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है. विधानसभा सचिवालय की तरफ से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है. मिश्री लाल बिहार की अलीनगर सीट से विधायक थे. विधानसभा सचिवालय की ओर से यह कदम दरभंगा एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट की ओर से सुनाई गई सजा के बाद उठाया गया है.
दरभंगा एमपी एमएलए विशेष कोर्ट ने उनके खिलाफ जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 8 तथा संविधान के अनुच्छेद 191 (3) के प्रावधानों के तहत सजा सुनाई थी. पिछले महीने की 27 तारीख को ही एडीजे सुमन कुमार दिवाकर ने मिश्री लाल के सजा पर फैसला सुनाया था. कोर्ट की ओर से उन्हें 2 साल की सजा सुनाई गई. ऐसे में जनप्रतिनिधि कानून के अनुसार दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर सदस्यता समाप्त हो जाती है. इसी कारण मिश्री लाल यादव की सदस्यता भी अब खत्म हो गई है.
वर्तमान विधानसभा के तीसरे विधायक
मिश्री लाल यादव वर्तमान विधानसभा सत्र में तीसरे ऐसे विधायक हैं, जिनकी सदस्यता खत्म हुई है. इससे पहले माले के विधायक मनोज मंजिल और अनंत सिंह की सदस्यता खत्म हुई थी.मिश्री लाल यादव पहले पूर्व मंत्री मुकेश साहनी की पार्टी वीआईपी में थे. वह वीआईपी की टिकट पर ही जीत कर अलीनगर से विधानसभा में पहुंचे थे. हालांकि बाद में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे.
छह साल पहले दर्ज हुआ था मामला
छह साल पहले 30 जनवरी 2019 को समैला निवासी उमेश मिश्रा ने एक एफआईआर दर्ज कराई थी. जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाया था कि उनके ऊपर जानलेवा हमला किया गया था और लूटपाट की गई थी. इसी मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनवाई की थी. कोर्ट ने मिश्री लाल यादव और गोसाई टोल पछाड़ी के निवासी सुरेश यादव को दोषी करार दिया था. पहले उन्हें तीन महीने की सजा सुनाई गई थी लेकिन वादी की ओर से अपील किए जाने के अदालत ने सजा को बढ़ाकर दो साल कर दिया.
बीजेपी विधायकों की संख्या 78 पहुंची
बिहार के मौजूदा विधानसभा में बीजेपी के 79 विधायक थे. अब मिश्री लाल यादव की सदस्यता खत्म होने के बाद यह संख्या घट कर 78 हो गई है. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मिश्री लाल यादव की सदस्यता खत्म होना उनके साथ-साथ पार्टी के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है.

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