एमडीएच और एवरेस्ट के मसालों की न्यूजीलैंड में भी होगी जांच
नई दिल्ली । देश के दो लोकप्रिय मसाला ब्रांड एमडीएच प्राइवेट लिमिटेड (एमडीएच) और एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (एवरेस्ट) की मुसीबतें कम नहीं हो रही है। सिंगापुर, हांगकांग अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बाद अब न्यूजीलैंड ने भी इन कंपनियों के मसालों की क्वालिटी पर सवाल उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड के खाद्य सुरक्षा नियामक ने कहा कि वह अन्य देशों में जांच का सामना करने के बाद टॉप भारतीय ब्रांडों एमडीएच और एवरेस्ट के मसाला उत्पादों में संभावित रसायनों के मिलावट की जांच कर रहा है।
एमडीएच और एवरेस्ट के मसाला उत्पाद पिछले महीने तब विदेशी खाद्य सुरक्षा नियामकों की रडार पर आ गए जब सिंगापुर ने इन कंपनियों के कुछ प्रोडक्ट की ब्रिकी पर रोक लगा दी। सिंगापुर फूड एजेंसी ने दावा किया था कि इस मसाले में एथिलीन ऑक्साइड की मात्रा काफी ज्यादा है, जो कि इंसान की सेहत के लिए सही नहीं है। बता दें एथिलीन ऑक्साइड एक तरह का पेस्टीसाइट है, जिसके सेवन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने का खतरा होता है। सिंगापुर के बाद हांगकांग ने भी इन कंपनियों के कुछ मसालों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी एमडीएच और एवरेस्ट के मसाला उत्पादों में संभावित रसायनों के मिलावट की जांच कर रहे हैं। न्यूजीलैंड के खाद्य सुरक्षा नियामक ने कहा कि विदेशी रिकॉल से अवगत है।
चूंकि एमडीएच और एवरेस्ट मसाले न्यूजीलैंड में भी उपलब्ध हैं, इसलिए हम इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं। हालांकि इस मुद्दे पर दोनों कंपनियों ने अपने पिछले कुछ बयानों में कहा है कि उनके उत्पाद उपभोग के लिए सुरक्षित हैं। भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक ने एमडीएच और एवरेस्ट प्लांटों का निरीक्षण किया है और ग्लोबल जांच के बाद नमूने ट्रायल के लिए भेजे हैं, हालांकि परिणाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। दशकों से, एमडीएच और एवरेस्ट के उत्पाद भारत में बेहद लोकप्रिय हैं और यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के देशों में निर्यात किए जाते हैं।

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