केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
-अब 01 जून तक कर सकेंगे चुनाव प्रचार
-दिल्ली शराब नीति मामले में अंतरिम जमानत
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज सुप्रीम कोर्ट ने 1 जून तक की अंतरिम जमानत देकर बड़ी राहत प्रदान कर दी है। दिल्ली शराब नीति मामले में न्यायिक हिरासत से सीएम केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने यह जमानत सीएम केजरीवाल को चुनाव प्रचार के लिए दी है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जुलाई तक जमानत दिए जाने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की थी। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस पर सुनवाई करते हुए कहा कि सीएम केजरीवाल को डेढ़ साल तक गिरफ्तार नहीं किया गया, अत: ऐसे में 21 दिनों की जमानत से कुछ नहीं होगा। कोर्ट का कहना था कि सीएम केजरीवाल को पहले भी गिरफ्तार किया जा सकता था। इसके साथ ही जमानत पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि केजरीवाल को 02 जून को सरेंडर करना होगा। कोर्ट का साफ कहना था कि हमें कोई भी समान लाइन नहीं खींचनी चाहिए, उन्हें मार्च में गिरफ़्तार किया गया था और गिरफ़्तारी पहले या बाद में भी की जा सकती थी।
जानकारों का कहना है कि सीएम केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिलने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के आर्डर को ट्रायल कोर्ट के पास भेजा जाएगा। इसके बाद ट्रायल कोर्ट से रिलीज आर्डर निकाला जाएगा जिसे तिहाड़ जेल प्रशासन को भेजा जाना होगा। इसके बाद तिहाड़ जेल प्रशासन अपनी खाना-पूर्ति कर सीएम केजरीवाल को रिहा करेगा।
ईडी के हलफनामें पर आपत्ति

सीएम केजरीवाल की लीगल टीम ने ईउी के हलफनामे पर कड़ा एतराज जताया और सुप्रीम कोर्ट में शिकायत भी दर्ज कराई है। दरअसल टीम का कहना था कि कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद और फैसले से ठीक पहले हलफनामा पेश करना कानूनी प्रक्रिया का घोर उल्लंघन है। खासतौर पर तब जबकि हलफनामा पेश करने की इजाजत भी सुप्रीम कोर्ट ने नहीं ली गई। इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बगैर ही ईडी ने हलफनामा दाखिल किया है, जो गैरकानूनी है।
ईडी ने किया जमानत का विरोध

ईडी ने सु्प्रीम कोर्ट द्वारा सीएम केजरीवाल को दी गई जमानत का विरोध करते हुए कहा कि दिल्ली की सीएम केजरीवाल को अंतरिम जमानत देना समानता के नियम के विरुद्ध है। कानून में यह संभव नहीं है कि एक छोटे किसान या एक छोटे कारोबारी का काम तो रोक दिया जाए और एक नेता को चुनाव प्रचार की अनुमति प्रदान कर दी जाए।

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