बेरोजगारी के मुद्दे पर कन्हैया कुमार का हल्ला बोल
मधुबनी। बढ़ती बेरोजगारी पर मैं गहरा रोष प्रकट करता हूं। हम शासन-प्रशासन और सरकार से अपील करते हैं कि या तो आप बिहार के लोगों को रोजगार और नौकरी दें, नहीं तो उन दफ्तरों को बंद कर दें, जो बेरोजगारी और नौकरी के सवाल पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उक्त बातें बिस्फी विधानसभा क्षेत्र के सिबौल उत्क्रमित उच्च विद्यालय में न्याय संवाद कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के युवा नेता डॉ. कन्हैया कुमार ने कही।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व एमएलसी प्रत्याशी मो. इम्तियाज नुरानी के आह्वान पर यहां कार्यक्रम तय किया गया था।
कन्हैया कुमार ने कहा कि रोजगार का अधिकार सिर्फ नेताओं के बेटों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि गरीब किसानों, मजदूरों और आम लोगों के बच्चों को भी नौकरी मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे नौजवान यहां जन्म लेते हैं, पढ़ाई करते हैं, लेकिन नौकरी के लिए उन्हें अपने घर-जमीन छोड़कर दिल्ली, पंजाब,गुजरात जाना पड़ता है।
कन्हैया कुमार ने करत-करत अभ्यास से वाली कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एक गंभीर सवाल उठा रही है और इसका असर निश्चित तौर पर होगा।
उन्होंने सरकार पर पलायन को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा जो सरकार लोगों को पलायन करवा रही है, हम उस सरकार का ही पलायन कर देंगे।
उन्होंने कहा, अगर इस देश में सिर्फ नेताओं के बेटों को रोजगार मिलेगा, तो हम वैसे नेताओं को बेरोजगार बनाएंगे।
बेटा बीसीसीआई का अध्यक्ष है, क्या यह परिवारवाद नहीं- कन्हैया
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाले अमीत शाह से भी सवाल किजिए कि आपका बेटा बीसीसीआई का अध्यक्ष है, क्या यह परिवारवाद नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा जातिवाद का जहर खोलकर लोगों को आपस में बांटना चाहती है। देश में जीएसटी लागू करने का राहुल गांधी ने विरोध किया था।
राहुल गांधी का कहना था कि जीएसटी से छोटे-छोटे व्यापारी का कारोबार बंद हो जाएगा। लेकिन मोदी सरकार ने नही सुना और जीएसटी लागू कर दिया।
आज देश के छोटे-छोटे व्यापारी की हालत क्या है, वह हर कोई जानते हैं। मोदी सरकार ने हर वो काम किया है जिससे गरीबों को नुकसान और अमीरों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा मोदी सरकार बड़े बड़े कारोबारी को फायदा पहुंचाने के लिए देश में काम कर रही है।

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