मिजोरम के सिलचर-आइजोल हाईवे मे अनिश्चितकालीन नाकेबंदी
आइजोल। मिजोरम की लाइफ लाइन सिलचर-आइजोल हाईवे में आज सुबह से ही नाकेबंदी शुरू कर दी गई है। कोलाशिव जिले के जमीन मालिकों ने हाईवे को अनिश्चितकालीन रूप से यातायात के लिए बंद कर दिया है।
जमीन मलिकों ने यह नाकेबंदी जमीन को बिना मुआवजा दिए संरक्षित वन क्षेत्र घोषित किए जाने के विरोध में की है। वन क्षेत्र घोषित हो जाने से यहां के किसानों की खेती और रोजी-रोटी का नया संकट पैदा हो गया है।
यहां के लोग पिछले कई दशकों से राजमार्ग के किनारे खाली पड़ी जमीन पर खेती कर रहे थे। उनकी दुकान भी आसपास लगी हुई थी। वहीं पर यह किस रहते भी थे। राज्य सरकार ने हाल ही में इस क्षेत्र को वन संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा ना तो किसानों को मुआवजा दिया गया है। ना ही उनकी अन्य स्थान पर बसाहट की गई है।
सिलचर-आइजोल हाईवे पर नाकेबंदी के कारण राज्य की 90% आपूर्ति प्रभावित हो जाएगी। आवश्यक वस्तुओं का संकट बड़े पैमाने पर खड़ा हो जाएगा। पेट्रोल डीजल का संकट सारे राज्य में खड़ा हो जाएगा। यहां के ट्रांसपोर्टों ने 3 दिन पहले से ही हड़ताल शुरू कर दी है। किसानों ने सड़क मार्ग को कई स्थानों पर खोद दिया है। जिसके कारण आवागमन नहीं हो पा रहा है। सरकारी स्तर पर अभी ऐसा कोई प्रयास नहीं हुआ है। जिससे ऐसा लगे, कि हाईवे जाम को रोकने का प्रयास सरकार गंभीरता से कर रही है। स्थानीय लोगों में बहुत ज्यादा रोष देखने को मिल रहा है।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की