गोविंद सिंह को मिली जान से मारने की धमकी, दौड़े-दौड़े पहुंचे DGP ऑफिस
भिंड: मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है. जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है. बताया जा रहा है कि धमकी देने वाले शख्स का कॉल उत्तर प्रदेश से आया था. जहां उसने धमकी देते हुए कहा कि 'तु जल्दी मरने वाला है', तेरा घर तोड़ दिया जाएगा'. गोविंद सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक डीजीपी कैलाश मकवाना को पत्र लिखकर की. उन्होंने मामले में जांच की मांग गई है. वहीं पुलिस ने धमकी भरे कॉल की जांच शुरू कर दी है.
धमकी भरा कॉल और अभद्र भाषा
पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने बताया कि "25 जुलाई 2025 को सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर उनके मोबाइल पर उत्तर प्रदेश के नंबर से एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया. कॉलर ने अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए कहा, 'तू जल्दी मरने वाला है’ कॉलर ने यह भी धमकी दी कि उनका मकान तोड़ दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि True Caller एप पर नाम शैलेंद्र चौहान और राज्य उत्तर प्रदेश का शो हो रहा था.
पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र, जांच की मांग
धमकी मिलने के बाद गोविंद सिंह ने तुरंत डीजीपी कैलाश मकवाना को पत्र लिखा. पत्र में उन्होंने कॉलर का नंबर और धमकी के विवरण का जिक्र करते हुए मामले की गहन जांच की मांग की. उन्होंने लिखा, ‘अभद्रता पूर्वक बात करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई. मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की. वहीं पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया.
सात बार रहे चुके विधायक गोविन्द सिंह
डॉक्टर गोविन्द सिंह का नाम एक बड़े नेताओं में आता है. वे लहार से लगातर सात बार विधायक रहे चुके हैं. कमलनाथ सरकार के समय वह कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं. इसके बाद जब कांग्रेस सरकार की गिरी तो, विपक्ष में रहते हुए नेता प्रतिपक्ष बने थे. वहीं आठवीं बार अंबरीश शर्मा गुड्डू ने इनको चुनाव हरा दिया था. इसके बाद हाल ही में लहार में इनकी कोठी का अतिक्रमण हटाया गया था. इसमें लगातार सुखियों में रहे थे, वहीं एक बार फिर फोन पर धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की