बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में सरकार!
भोपाल । प्रदेश की मोहन सरकार नए सिरे से प्रशासनिक जमावट करने जा रही है। मंत्रालय से लेकर जिलों में पदस्थ अफसरों के तबादले किए जाएंगे। इसके लिए सूचियां तैयार कर ली गई हैं। सूत्रों को कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिशा निर्देश पर तैयार की गई तबादले की सूचियां जल्द जारी की जाएंगी। गौरतलब है कि प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से अभी तक कुछ जरूरी अफसरों के ही तबादले किए गए हैं। अब बड़े स्तर पर तबादले होंगे। इसमें 31 जिलों के कलेक्टर और इतने ही पुलिस अधीक्षक, 3 संभागायुक्त, रेंज आईजी, भोपाल-इंदौर के पुलिस आयुक्त बदले जा सकते हैं। इसके अलावा मंत्रालय एवं विभागाध्यक्ष कार्यालयों प्रमुखों को भी बदले जाना है। इसको लेकर मंत्रालय स्तर पर बड़ी तैयारी हो चुकी है।
मंत्रालयीन सूत्रों के अनुसार, डॉ. मोहन यादव सरकार ने मंत्रालय के 6 अतिरिक्त मुख्य सचिव, 8 प्रमुख सचिव और कुछ सचिव के नामों की लिस्ट तैयार करा ली है। बस इस लिस्ट को अंतिम रूप देकर अफसरों को यहां से वहां किए जाने के आदेश जारी होना ही बाकी है। इसके साथ ही प्रदेश के 15 ऐसे कलेक्टरों की दूसरी लिस्ट बनवाई गई है जो कि शिवराज सरकार के कार्यकाल में मुख्य सचिव और उनके ओएसडी के खास रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अफसरों की तबादला लिस्ट बनाए जाने को प्रक्रिया आरंभ भी हो चुकी है। इसका नतीजा बड़ी प्रशासनिक सर्जरी के रूप में जल्द ही सामने आ सकता है।
बताया जा रहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने पुरानी सरकार के मुख्य सचिव व उनके ओएसडी के खास अधिकारियों की लिस्ट बनाई है। इसी तरह से तीसरी लिस्ट भी तैयार हो रही है, जिसमें प्रदेश के 4 संभागीय कमिश्नर और लगभग आधा दर्जन कार्पोरेशन के एमडी, 3 नगर निगम के आयुक्त के नाम दर्ज हैं। इनका तबादला किए जाने के आदेश शीघ्र जारी हो सकते हैं। इनके अलावा चौथी लिस्ट मध्य प्रदेश पुलिस विभाग के 4 आईजी, 1 डीआईजी और 17 पुलिस अधीक्षकों की है, जिनका स्थानांतरण होना लगभग तय हो गया है। सूत्र बताते हैं कि वरिष्ठ अफसरों को मंत्रालय से ट्रांसफर लिस्ट जल्द जारी होने की खबर लग चुकी है। इसलिए ये अफसर अब मंत्रालय के सोएस कार्यालय, सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने में जुटे हैं। इस दौरानं कुछ अफसर अपने मौजूदा कार्यालय से कॉल करके या कुछ अफसर अपना विभागीय कार्य होना बताकर मंत्रालय तक आना-जाना भी कर रहे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंजूरी मिलने के बाद ही वरिष्ठ अफसरों के तबादले की सभी चारों लिस्ट जारी की जाएंगी, जिसमें कुछ समय भी लग सकता है।
मंत्रालय सूत्रों के अनुसार अफसरों की सूची पर मुख्यमंत्री की अंतिम मुहर लगना बाकी है। बताया गया कि पिछले एक हफ्ते से सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) में देर रात तक नई प्रशासनिक जमावट को लेकर बेहद गोपनीय ढंग से काम चला है। तबादला सूची एक साथ न आकर टुकड़ों में भी आ सकती हैं। शासन ने 40 से ज्यादा कलेक्टरों को बदलने की तैयारी की, जिनमें से 9 जिले बैतूल, उज्जैन, होशंगाबाद, नरसिंहपुर, शाजापुर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, और गुना कलेक्टर बदले जा चुके हैं। इनमें 3 को मंत्रालय बुलाया है, जबकि 4 को दूसरे जिले का कलेक्टर बनाया दिया है। तबादलों में देरी की वजह राजनीतिक चर्चा को बताया जा रहा है।
नई प्रशासनिक जमावट में चारों बड़े जिले इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन के कलेक्टर बदले जा चुके हैं। जबकि ग्वालियर, शहडोल, पन्ना, भिंड, शिवपुरी, श्योपुर, छिंदवाड़ा, विदिशा, नीमच, सीहोर, सतना, रीवा, बड़वानी, सागर, रायसेन, सिंगरौली, धार, हरदा, खंडवा, राजगढ़, छतरपुर, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, सीधी, निवाड़ी, देवास, मुरैना, बुरहानपुर, अलीराजपुर जिले भी प्रभावित हो सकते हैं।
संभागायुक्त में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सागर बदले जा सकते हैं। रीवा संभागायुक्त को हटाया जाज चुका है। भोपाल संभागायुक्त पवन शर्मा प्रमुुख सचिव बन चुके हैं। उन्हें मंत्रालय में बड़ी जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। उन्हें मजबूत पृष्टभूमि वाले अधिकारियों में गिना जाता है।
पुलिस महकमे में भी बड़े बदलाव पर मंथन हो चुका है। जिसमें पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की अदला बदली होगी। इंदौर, भोपाल पुलिस आयुक्त बदले जाना हैं। साथ ही रेंज आईजी एवं डीआईजी भी प्रभावित होंगे। 31 से ज्यादा जिलों के एसपी बदले जाने की तैयारी हैं। यह संख्या ज्यादा भी हो समती है।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की