गौतम गंभीर ने कप्तानी के लिए नहीं चुना सूर्यकुमार यादव का नाम ?
श्रीलंका दौरे के लिए भारत की टी20 टीम का ऐलान होने के बाद कई फैन्स हैरान हैं. टी20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के नायक बने हार्दिक पांड्या को इस फॉर्मेट में टीम इंडिया का नया कप्तान माना जा रहा था. लेकिन गुरुवार को जब टीम का ऐलान हुआ था तो हार्दिक का नाम होने के बावजूद कप्तान के तौर पर उनका नाम नहीं था, जबकि पांड्या टी20 वर्ल्ड कप में बतौर उपकप्तान खेल रहे थे. लेकिन नए समीकरणों के साथ यह जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव को दी गई है. कई जानकार इसे गौतम गंभीर का फैसला बता रहे हैं.
माना जा रहा है कि गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने सूर्यकुमार यादव को इस फॉर्मेट में नया कप्तान बनाने का फैसला किया है. लेकिन अगर सिलेक्शन कमेटी से जुड़े सूत्रों की मानें तो गौतम गंभीर ने सूर्यकुमार को कप्तान बनाने की कोई सिफारिश नहीं की. लेकिन उन्होंने सिलेक्शन कमेटी को यह साफ कर दिया था कि वह ऐसे कप्तान के साथ काम करना पसंद करेंगे, जिसे वर्कलोड मैनेजमेंट की समस्या न हो और उसे फिटनेस संबंधी दिक्कते भी न हों. ऐसे में जब रोहित शर्मा और विराट कोहली इस फॉर्मेट से रिटायर हो चुके हैं, तो सूर्याकुमार यादव से बेहतर कोई विकल्प नहीं है.
एक खबर के मुताबिक, ‘गौतम गंभीर ने नए टी20 कप्तान के तौर पर सूर्यकुमार यादव का नाम पिच (रखा) नहीं किया था. बस उन्होंने यह साफ किया था कि वह ऐसे कप्तान के साथ काम नहीं करना चाहते हैं, जिसके वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते दिक्कते हों.’ सिलेक्शन कमेटी में कुछ सदस्य हार्दिक पांड्या को ही कप्तानी देने के पक्ष में थे क्योंकि उन्होंने भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी और वह इस टीम के उपकप्तान भी थे. सिलेक्टर्स ने माना की उनके ऊपर जिम्मेदारी थी और इसलिए ही वह टी20 वर्ल्ड कप में आईपीएल में खराब परफॉर्मेंस के बावजूद कामयाब हुए.
लेकिन 30 वर्षी हार्दिक पांड्या का लगातार चोटिल होते रहना उनके खिलाफ गया. वह वनडे वर्ल्ड कप के बाद करीब 6 महीने तक क्रिकेट मैदान से बाहर थे. उन्हें वनडे वर्ल्ड कप के दौरान टखने में चोट लगी थी और गंभीर और अजित अगरकर ने हार्दिक पांड्या से मंगलवार को पहले ही इस संबंध में बात कर ली थी और उन्हें इस फैसले की जानकारी दे दी थी.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की