दहेज की मांग पूरी न होने पर तोड़ी सगाई.....मामला दर्ज
बिलासपुर: सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाली 32 वर्षीय युवती से सगाई के बाद मंगेतर और उसके परिजनों ने दहेज में 30 लाख रुपए की मांग की। युवती के परिजनों ने जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो उन्होंने सगाई तोड़ दी। युवती ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाली युवती ने बताया कि उसके घर सुकमा में रहने वाले शेख तसव्वर का शादी का प्रस्ताव आया था। रिश्ता पसंद आने के बाद युवती के परिजनों ने उन्हें अपने घर बुलाया।
इस पर युवक के परिजन जुलाई 2023 में बिलासपुर आ गए। यहां बातचीत तय होने के बाद युवक के परिजनों ने अप्रैल 2024 में सगाई करने की बात कही। तय समय पर रायपुर में सगाई समारोह हुआ। इसमें दोनों पक्षों के लोग शामिल हुए। युवती का कोई भाई नहीं है। इस कारण सगाई का पूरा काम उसका मंगेतर ही देख रहा था। उन्होंने बताया कि सगाई में करीब तीन लाख रुपये खर्च होंगे। लड़की वालों ने उन्हें पूरी रकम दे दी। साथ ही सोने की अंगूठी और 21 हजार रुपये भी दिए। इस बीच दहेज की कोई बात नहीं हुई।
सगाई के बाद लड़की वालों ने शादी की तैयारियां शुरू कर दी। उन्होंने दहेज का सामान और घरेलू सामान पहले ही लड़के वालों के घर भेज दिया था। उन्होंने बिस्तर और कुछ अन्य सामान रख लिया था। साथ ही पांच लाख रुपये नकद और एक केस में मिली फीस भी मंगेतर के खाते में ट्रांसफर कर दी थी।
कर्ज चुकाने की बात कहकर मांगे पैसे
इस बीच मंगेतर और उसके पिता शेख औलिया, सास कासिम बी, साला शेख जाकिर, साली नगमा ने लड़की वालों से 30 लाख रुपये कर्ज होने की बात कहकर पैसे मांगने शुरू कर दिए। लड़की वालों ने इतने पैसे का इंतजाम न कर पाने के कारण पैसे देने में असमर्थता जताई। लड़की ने दहेज देने से मना कर दिया तो लड़के के परिवार ने सगाई तोड़ दी। इससे लड़की की बदनामी हुई और उसकी शादी लगभग टूट गई। लड़की ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की