वीसी के नाम पर दंपती ने ठगे सात करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में ठगी का मामला सामने आया है। यहां शिक्षक दंपती जोगेंद्र यादव व उसकी पत्नी अरुणा यादव ने बीते पांच साल के भीतर वीसी खेलवाने के नाम पर लोगों की गाढ़ी कमाई डकार ली। शातिर पति-पत्नी ने 60 से 70 लोगों को शिकार बनाते हुए उनसे करीब छह से सात करोड़ रुपये की ठगी की।
पीड़ितों में मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा लोगों से लेकर व्यापारी वर्ग शामिल हैं। इनके ठगी के और भी शिकार होने व ठगी की रकम दोगुनी होने की आशंका भी जताई जा रही है। बुधवार को लोगों की शिकायत पर आरोपित पति-पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
डेढ़ गुना रकम वापसी का लालच देकर जमा कराते रहे रकम
टीआइ लीलाधर राठौर ने बताया कि शहर के लालबाग निवासी आरोपित माध्यमिक शाला में शिक्षक के पद पर पदस्थ है। वह और उसकी पत्नी अरुणा यादव ने पांच साल पहले 2018 में प्रतिदिन लोगों से वीसी खिलवाना शुरू किया। वे एक हजार से लेकर एक लाख रुपये लोगों से डेढ़ गुना रकम वापसी का लोभ देकर जमा कराते रहे।
शुरुआती दौर में लोगों को मुनाफा समेत रकम भी लौटाई। देखते ही देखते अधिक मुनाफे के फेर में उनकी ग्राहक संख्या में इजाफा होने लगा और शहर के बड़े व्यापारी, हाउस वाइफ तथा नौकरीपेशा अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा उनके पास जमा करवाने लगे।
एक साल के बाद ही आरोपित दंपती ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। वे साठ से सत्तर लोगों से करीब छह से सात करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि बहुत से शिकार अब तक पुलिस के सामने नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में ठगी की गई रकम दोगुनी होने की आशंका भी जताई जा रही है।

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