नासिक में होने वाले कुंभ की तारीखों का ऐलान
नासिक । महाराष्ट्र के नासिक में 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें देश भर से आए साधु-संत और प्रमुख अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीएम फडणवीस ने त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 की तैयारी बैठक से पहले विभिन्न अखाड़ों के सम्मानित महंतों का पारंपरिक स्वागत किया और उनका आशीर्वाद लिया। साथ ही बैठक में अमृत स्नान और प्रमुख पर्वों की तारीख निश्चित कर ली गई है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में नासिक में आयोजित बैठक में कुंभ को लेकर रूपरेखा तय की गई। इसे लेकर सीएम फडणवीस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, त्र्यंबकेश्वर, नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले 2027 की पूर्व तैयारी बैठक में अमृत स्नान और प्रमुख पर्वों की तारीख निश्चित कर ली गई है। हमारी गोदावरी मां की निर्मल धारा अविरल बहती रहे, इस दृष्टि से कई योजना बनाई गई है। इस हेतु इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हमने 4000 करोड़ रुपये के कार्यों की शुरुआत के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं, जबकि लगभग 2000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं।
साधु-संतों के लिए जमीन खरीदी जाएगी। तपोवन की जमीन खाली कराई जाएगी। गोदावरी नदी की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस बार 13 अखाड़े कुंभ मेले में भाग लेंगे। श्रद्धालु जगतगुरु शंकराचार्य और साधु-संतों के दर्शन कर सकेंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ मंत्री गिरीश महाजन, दादा भुसे, महंत हरी गिरी, और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। नासिक में 2027 का सिंहस्थ कुंभ भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस बार कुंभ में तीन शाही स्नान और 45 कुंभ स्नान होंगे। पहला शाही स्नान 2 अगस्त 2027 को सोमवती अमावस्या के दिन होगा। दूसरा शाही स्नान 31 अगस्त 2027 को होगा। तीसरा शाही स्नान 11 सितंबर 2027 को एकादशी के दिन होगा। 24 जुलाई को अखाड़ों का ध्वजारोहण किया जाएगा, जिससे कुंभ की औपचारिक शुरुआत होगी। नासिक के पंचवटी और त्र्यंबकेश्वर में कुंभ मेला आयोजित होगा।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की