एक्ट्रेस रुबीना दिलैक मां बनने के बाद हुई कमजोर, कहा.......
टेलीविजन इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस रुबीना दिलैक मां बनने के बाद अपनी मदरहुड जर्नी के किस्से फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं। जुड़वा बच्चों की मां रुबीना फैंस के लिए टाइम निकाल ही लेती हैं।
रुबीना दिलैक बच्चों को जन्म देने तक और उसके बाद भी मां बनने के बाद होने वाले बदलाव के बारे में बात करती नजर आई हैं। हाल फिलहाल में एक्ट्रेस मदरहुड जर्नी को एन्जॉय कर रही हैं। मां बनने के बाद से एक्ट्रेस ने शो 'किसी ने बताया नहीं' शुरू किया था, जिसमें वह अक्सर कई सेलेब्स के साथ बातचीत करती हुई दिखाई देती हैं।
रुबीना ने की मां बनने के बाद आए बदलाव पर बात
हाल ही में रुबीना के शो पर मेहमान बनकर कॉमेडियन सुगंधा मिश्रा आईं। दोनों एक्ट्रेस ने एक दूसरे के साथ मां बनने के बाद अपनी जिंदगी में आए बदलाव के बारे में बात की। बता दें कि सुगंधा मिश्रा की एक प्यारी सी बेटी है। उन्होंने दिसंबर, 2023 में बेटी को जन्म दिया था। जबकि, रुबीना नवंबर में मां बनी हैं।
'भूल जाती हूं चीजें'
रुबीना के शो में आकर उन्होंने अपने मदरहुड का एक्सपीरियंस शेयर किया। शो की शुरुआत में ही रुबीना ने खुलासा किया कि जब से वह मां बनी हैं, तबसे वह कई चीजें भूल जाती हैं। उन्हें याद नहीं रहता कि उन्होंने किसे दूध पिलाया है। इसलिए अब उन्होंने डायरी में लिखना शुरू कर दिया कि किसे पहले दूध पिलाया है।
पुरानी जिंदगी में वापस लौटना मुश्किल
रुबीना ने कहा, ''एक बार जब कोई मां बनता है, तो वह पुरानी जिंदगी में वापस नहीं लौट सकता। इस टाइम पर मां ने मेरा बहुत साथ दिया है। जब तक मैं प्रेग्नेंट नहीं हुई मुझे खुद के बारे में ज्यादा पता चला।''
वहीं मां बनने के अनुभव पर कॉमेडियन सुगंधा मिश्रा ने कहा, ''जब तक मैं मां नहीं बनीं तब तक मैं सोचती थी हो जाएगा, लेकिन अब पता चला कि कुछ भी आसान नहीं है। नींद लेना भी मुश्किल हो जाता है। हर दिन बदल जाता है। पहले कितने फ्री माइंड हुआ करते थे। लेकिन अब वो सब नहीं हो पाता।''
बता दें कि रुबीना ने 27 नवंबर को जुड़वा बेटियों को जन्म दिया था। उन्होंने अपनी बेटियों का नाम Edha और Jeeva रखा है।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की