ट्रंप टैरिफ विवाद पर रामदेव की बड़ी टिप्पणी- भारतीय जनता को विदेशी कंपनियों का बहिष्कार करना चाहिए
नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर भारी भरकम टैरिफ की हर कोई आलोचना कर रहा है। यहां तक की खुद अमेरिकी सांसद भी इसे गलत बता रहे हैं और इसके कारण दोनों देशों के रिश्तों में दूरी आने की चेतावनी दे रहे हैं।
अब ट्रंप टैरिफ पर योग गुरु रामदेव का बयान सामने आया है। उन्होंने भारतीय नागरिकों से अपील करते हुए एक सुझाव दिया है, जिसे उन्होंने टैरिफ का तोड़ बताया।
बाबा रामदेव ने दिया ये सुझाव
बाबा रामदेव ने भारतीयों से अमेरिकी कंपनियों और ब्रांडों का बहिष्कार करने का आग्रह किया है। उन्होंने अमेरिका के इस कदम को "राजनीतिक धौंस, गुंडागर्दी और तानाशाही" करार दिया है।
रामदेव ने बात करते हुए कहा,
भारतीय नागरिकों को अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का कड़ा विरोध करना चाहिए, क्योंकि यह राजनीतिक धौंस, गुंडागर्दी और तानाशाही है। अमेरिकी कंपनियों और ब्रांडों का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाना चाहिए।
पेप्सी, कोका-कोला के काउंटर पर कोई न जाए
बाबा रामदेव ने आगे कहा, पेप्सी, कोका-कोला, सबवे, केएफसी या मैकडॉनल्ड्स के काउंटरों पर एक भी भारतीय नहीं दिखना चाहिए। इसका व्यापक बहिष्कार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ, तो अमेरिका में अराजकता फैल जाएगी। अमेरिका में मुद्रास्फीति इस हद तक बढ़ जाएगी कि खुद ट्रंप को भी ये टैरिफ वापस लेने पड़ सकते हैं, ट्रंप ने भारत के खिलाफ जाकर एक बड़ी भूल की है।
बता दें कि अमेरिका ने सबसे पहले अगस्त की शुरुआत में भारत पर 25% टैरिफ लगाया था। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद के लिए 27 अगस्त से अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की।
इस बीच, हाउस ऑफ फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप की इस बात के लिए आलोचना की है कि उन्होंने रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर टैरिफ लगाया है, जबकि चीन और अन्य देशों को बड़ी मात्रा में तेल खरीदने से छूट दी है।
एक पोस्ट में समिति ने आरोप लगाया कि ट्रंप का टैरिफ के साथ केवल भारत पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला अमेरिकियों को नुकसान पहुंचा रहा है और इस प्रक्रिया में अमेरिका-भारत संबंधों को नुकसान पहुंचा रहा है।

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