नित्या पंड्या का शतक, पार्थ कोहली की दमदार पारी; टीम ने बनाए 381/6
नई दिल्ली : बुची बाबू क्रिकेट टूर्नामेंट के मुकाबले शुरू हो चुके हैं, जहां पहले ही दिन नित्या पंड्या और सरफराज खान ने अपनी-अपनी टीमों के लिए एक के बाद एक ताबड़तोड़ शतक जड़े. बुची बाबू क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले दिन इन दोनों के मिलाकर कुल 6 शतक लगे. पार्थ कोहली हालांकि नित्या पंड्या जितने भाग्यशाली नहीं रहे. वो 2 रन से अपना अर्धशतक चूक गए. बुची बाबू में नित्या पंड्या और पार्थ कोहली दोनों एक ही टीम से खेल रहे हैं. ऐसे में पार्थ कोहली के अर्धशतक से चूकने के बावजूद टीम के स्कोर बोर्ड पर ज्यादा असर नहीं पड़ा.
बड़ौदा की टीम में नित्या पंड्या और पार्थ कोहली
बुची बाबू टूर्नामेंट में नित्या पंड्या और पार्थ कोहली दोनों एक ही टीम का हिस्सा हैं. दोनों खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में बड़ौदा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. हार्दिक पंड्या भी बड़ौदा से निकले क्रिकेटर हैं, मगर हम जिस पंड्या की बात कर रहे हैं, उनका पूरा नाम नित्या पंड्या है. जबकि कोहली से हमारा मतलब विराट से ना होकर पार्थ कोहली से है.
नित्या पंड्या, पार्टनरशिप और शतक
बड़ौदा के सामने बुची बाबू टूर्नामेंट के पहले मैच में ओडिशा की चुनौती है. बड़ौदा के लिए पारी की शुरुआत उसके ओपनर नित्या पंड्या और हर्ष देसाई ने की. दोनों के बीच 73 रन की पार्टनरशिप हुई. हर्ष देसाई 31 रन बनाकर आउट हुए मगर नित्या पंड्या दूसरे छोर पर जमे रहे. उन्होंने दूसरे विकेट के लिए सुकृत पांडे के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी की और इसी पार्टनरशिप के दौरान अपना शतक भी पूरा किया.
नित्या पंड्या ने 175 गेंदों का सामना करते हुए 102 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. नित्या पंड्या वही युवा बल्लेबाज हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की अंडर 19 टीम के खिलाफ पिछले साल खेली टेस्ट सीरीज में वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेलते दिखे थे. इतना ही नहीं उस टेस्ट सीरीज में वो सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी रहे थे.
कोहली अर्धशतक से चूके, टीम ने 381 रन ठोके
नित्या पंड्या आउट होकर लौटे तो नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने पार्थ कोहली उतरे. हालांकि, वो सिर्फ 48 रन ही बना सके. कोहली की इनिंग में 6 चौके शामिल रहे. नित्या पंड्या के शतक के दम पर बड़ौदा की टीम पहले दिन 6 विकेट पर 381 रन बनाने में कामयाब रही और दूसरे दिन उसी स्कोर पर पारी की घोषणा कर ओडिशा को मैदान पर उतारने का फैसला किया.

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