पंडित प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, कुबेरेश्वर धाम में आस्था का सैलाब
सीहोर: कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश के अलावा अन्य कई प्रदेशों के लोग भी इस यात्रा में शामिल हुए हैं। शहर के सीवन घाट से यह यात्रा कुबेरेश्वर धाम तक जाएगी। इस यात्रा के चलते रूट को डायवर्ट किया गया है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने सीवन नदी का जल लेकर इस यात्रा की शुरुआत की है।
हर साल निकालते हैं कांवड़ यात्रा
जानकारी के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा हर साल की तरह इस साल भी कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। बुधवार को सीवन नदी घाट से जल भरकर पंडित प्रदीप मिश्रा ने इसकी शुरुआत की। कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं। दूर-दूर से यहां पर श्रद्धालु पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जा रही है। जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया जा रहा है।
हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट
कुबेरेश्वर धाम में एक दिन पूर्व हादसे के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हाईवे मार्ग को भी डायवर्ट कर दिया गया है। एक दिन पूर्व अत्यधिक भीड़ के चलते दो महिलाओं की दबने से तबीयत बिगड़ी थी, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया था।
भोपाल-इंदौर हाईवे पर जाम
कुबेरेश्वर धाम में देशभर से लगभग ढाई लाख श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं। इस वजह से भोपाल-इंदौर हाईवे पर जाम लग गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हाईवे पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिव पुराण के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव और माता पार्वती पृथ्वी पर निवास करते हैं, इसलिए इस मास में पूजन, उपवास और सेवा का विशेष फल मिलता है।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की