बाबू का साला बना ‘सुपरवाइजर’, अब भतीजा संभाल रहा अवैध कामों की कमान

मोहखेड़, अखण्ड प्रताप सिंह 
मोहखेड़ तहसील में भ्रष्टाचार का दलदल और गहराता जा रहा है। पहले ही बिना किसी नियुक्ति के तहसील के भीतर शासकीय दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर रहे बाबू के साले का मामला गरमाया हुआ था, और अब ताजा खुलासे के अनुसार उस बाबू ने अपने भतीजे को भी अवैध गतिविधियों में शामिल कर लिया है। यह भतीजा अब तहसील कार्यालय के अंदर और बाहर ‘मध्यस्थ’ की भूमिका निभा रहा है — यानी अब भ्रष्टाचार का पूरा ‘परिवारिक नेटवर्क’ तहसील के कामकाज को प्रभावित कर रहा है।

‘भ्रष्टाचार परिवार’ की नई भर्ती!

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बाबू का साला अब उतना खुलकर सामने नहीं आता, बल्कि उसने अपने भतीजे को इस काम में सक्रिय कर दिया है। भतीजा तहसील में दस्तावेज तैयार कराने, सरकारी फाइलें ट्रैक करने और आदेश पास करवाने के काम में खुलकर सक्रिय हो चुका है। तहसील कार्यालय में आने-जाने वालों को ऐसा प्रतीत होता है मानो वह कोई अधिकृत कर्मचारी हो।

साइबर गड़बड़ी की आशंका भी जताई जा रही

खबर यह भी है कि यह पूरा गोरखधंधा केवल कागज़ी हेराफेरी तक सीमित नहीं है। कुछ दस्तावेजों के डिजिटल रिकॉर्ड्स में भी छेड़छाड़ की बात सामने आ रही है। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि उनके नाम पर दर्ज सरकारी जमीन संबंधी रिकॉर्ड बदल दिए गए हैं, जिनकी जानकारी उन्हें तब लगी जब वे किसी योजना या दस्तावेज़ सत्यापन के लिए गए।

अवैध कॉलोनाइजरों के साथ जमीनी खेल जारी

इस पूरे खेल में अवैध कॉलोनाइजर अब भी एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। बाबू का भतीजा अब सीधे तौर पर इन कॉलोनाइजरों के साथ मिलकर काम कर रहा है — फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर कब्जा दिलवाना, सरकारी कार्रवाई रुकवाना और आदेशों में फेरबदल जैसे गंभीर अपराध हो रहे हैं।

जनता में आक्रोश, प्रशासन मौन

तहसील के अंदर जारी इस ‘पारिवारिक भ्रष्टाचार’ पर प्रशासन अब भी मौन है। सवाल यह उठता है कि बिना पद के व्यक्ति और अब उसका भतीजा कैसे खुलेआम सरकारी कामों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। कई जागरूक नागरिकों ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

भ्रष्टाचार की चेन लंबी, कार्रवाई कब?

अब जब भ्रष्टाचार की यह चेन तहसील बाबू से लेकर उसके साले और भतीजे तक फैल गई है, जनता प्रशासन से यह सीधा सवाल कर रही है — “कब होगी कार्रवाई?” यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई, तो मोहखेड़ में जनता आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को तैयार है।