साइलेंट किलर है हाई बीपी: बिना लक्षणों के भी दे सकता है हार्ट अटैक, रहें सतर्क
ट्रेवल करना बेशक मजेदार होता है लेकिन यह शरीर और दिमाग दोनों के लिए थका सकता है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है और यह कंट्रोल में नहीं है, तो ट्रेवल आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार बीपी के मरीज साथ में दवाएं नहीं रखते हैं, या फिर कहीं भी कुछ भी खा लेते हैं, इसके अलावा ट्रेवल की थकान आदि मिलकर मरीज की हालत को और बदतर बना सकते हैं। डॉ. प्रवीन काहले, कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई आपको बता रहे हैं कि ट्रेवल के दौरान हाई ब्लड प्रेशर को कैसे काबू रख सकते हैं।
यात्रा के समय बीपी कैसे कंट्रोल रखें
ट्रेवल करना बेशक मजेदार होता है लेकिन यह शरीर और दिमाग दोनों के लिए थका सकता है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है और यह कंट्रोल में नहीं है, तो ट्रेवल आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार बीपी के मरीज साथ में दवाएं नहीं रखते हैं, या फिर कहीं भी कुछ भी खा लेते हैं, इसके अलावा ट्रेवल की थकान आदि मिलकर मरीज की हालत को और बदतर बना सकते हैं। डॉ. प्रवीन काहले, कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई आपको बता रहे हैं कि ट्रेवल के दौरान हाई ब्लड प्रेशर को कैसे काबू रख सकते हैं।
दवा छोड़ने से बढ़ सकता है खतरा
ट्रेवल के दौरान ब्लड प्रेशर की दवा छोड़ना खतरनाक है। इससे बीपी अचानक बहुत बढ़ सकता है। इसका असर चक्कर आना, बेहोशी, गिरना और गंभीर मामलों में ब्रेन हेमरेज तक हो सकता है, खासतौर पर जब बीपी 200 mmHg से ऊपर चला जाए।
हवाई यात्रा में और बढ़ जाता है रिस्क
फ्लाइट में 6,000–8,000 फीट की ऊंचाई पर ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है। इससे शरीर में तनाव बढ़ता है और बीपी ऊपर जा सकता है। अगर फ्लाइट में देरी या टर्ब्युलेंस जैसी स्थिति हो, तो खतरा और बढ़ जाता है।
क्यों जरूरी है हेल्थ चेकअप ?
हाई ब्लड प्रेशर को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण नहीं दिखते। कई बार जो लोग खुद को फिट समझते हैं, उनका बीपी बढ़ा हुआ निकलता है। इसलिए रूटीन हेल्थ चेकअप बहुत जरूरी हैं।
लाइफस्टाइल फैक्टर का असर
खान-पान, नींद और तनाव जैसे फैक्टर भी बीपी पर असर डालते हैं। यात्रा के दौरान ये चीजें गड़बड़ा जाती हैं, इसलिए पहले से मेडिकल प्लानिंग करना जरूरी है।
ट्रेवल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
बीपी BP की दवा कभी मिस न करें। नियमित रूप से BP चेक करें। ट्रेवल के दौरान भी पर्याप्त पानी पिएं। बैलेंस्ड डाइट और नींद का ध्यान रखें।
इस बात का रखें ध्यान
ट्रेवल का मजा लें लेकिन अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें। समय पर दवा, चेकअप और सही जानकारी ही जटिलताओं से बचाव की कुंजी है।

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