बेन स्टोक्स का ‘जल्दी ड्रॉ’ का ऑफर, जडेजा-सुंदर ने क्यों किया इंकार? जानें चौंकाने वाली वजह
नई दिल्ली : मैनचेस्टर टेस्ट का आखिरी दिन रोमांच से भरपूर रहा। भारत ने इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और शानदार बल्लेबाजी से मुकाबले को ड्रॉ करा लिया। रविवार को शुभमन गिल के बाद रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर की शतकीय पारियों के दम पर भारत ने ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला गया चौथा मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त कराया। अब इस सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला 31 जुलाई से द ओवल में खेला जाएगा, जिसमें भारतीय टीम जीत हासिल करने का उद्देश्य लेकर उतरेगी। फिलहाल इंग्लैंड मौजूदा सीरीज में 1-2 से आगे है। उसने लीड्स (पहला) और लॉर्ड्स (तीसरा) टेस्ट में जीत दर्ज की है जबकि भारत को बर्मिंघम (दूसरा) में सिर्फ जीत मिली है।
जडेजा-सुंदर ने क्यों ठुकराया स्टोक्स का ऑफर?
भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के चौथे मुकाबले के पांचवें दिन कप्तान बेन स्टोक्स ने मेहमानों को जल्दी ड्रॉ का ऑफर दिया था। हालांकि, रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने इसे ठुकरा दिया और बल्लेबाजी करते रहे। दरअसल, जिस वक्त इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर स्टोक्स ने यह ऑफर दिया उस वक्त दोनों भारतीय बल्लेबाज अपने-अपने शतकों से महज कुछ ही रन दूर थे और भारत का स्कोर चार विकेट पर 386 रन था। भारत ने इंग्लैंड पर 75 रन की बढ़त हासिल कर ली थी। ऐसे में दोनों ने बल्लेबाजी करना उचित समझा और शतक पूरे किए। इस दौरान जडेजा ने 182 गेंदों में अपने टेस्ट करियर का पांचवां शतक पूरा किया जबकि सुंदर ने 206 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। दोनों क्रमश: 107 और 101 रन बनाकर नाबाद रहे।
गिल ने किया जडेजा और सुंदर का समर्थन
गिल ने जडेजा और सुंदर के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने मुकाबले के बाद कहा, 'निश्चित रूप से यह क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों पर निर्भर था। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की और उस समय दोनों 90 रन के करीब थे ऐसे में हमें लगा कि वे शतक के हकदार थे।'
स्टोक्स ने बताई वजह
स्टोक्स ने भारत को चौथा टेस्ट जल्दी समाप्त करने का प्रस्ताव देने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि वह अपनी प्रमुख तेज गेंदबाजों को जोखिम में नहीं डालना चाहते थे क्योंकि मैच निश्चित ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि भारत ने बहुत मुश्किल समय बिताया। वे दोनों (जडेजा और सुंदर) ने अविश्वसनीय रूप से अच्छा खेल रहे थे। मैच उस मोड पर पहुंच गया था जहां से सिर्फ एक ही परिणाम संभव था और मैं अपने किसी भी तेज गेंदबाज को चोटिल होने के जोखिम में नहीं डालना चाहता था। मैंने अपने प्रस्ताव से आधे घंटे पहले ही अपने तेज गेंदबाजों से गेंदबाजी करना बंद कर दिया था।'
चौथा टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त
शुभमन गिल, रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर की शतकीय पारियों के दम पर भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए चौथे टेस्ट मैच के ड्रॉ करा लिया। इस मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन और ऋषभ पंत की अर्धशतकीय पारियों के दम पर 358 रन बनाए थे। पहली पारी में इंग्लैंड ने 10 विकेट पर 669 रन बनाए और 311 रनों की बढ़त हासिल की। इसके बाद भारत ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 425 रन बनाए और मैच ड्रॉ पर समाप्त कर दिया। इंग्लैंड अब भी पांच मैचों की इस सीरीज में 1-2 से आगे है। मौजूदा सीरीज का आखिरी मुकाबला 31 जुलाई से द ओवल में खेला जाएगा।

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