दतिया में ASI की फांसी से सनसनी, आत्महत्या से पहले वीडियो में खोले पुलिस विभाग के राज
दतिया। दतिया जिले के गोंदन थाने में पदस्थ ASI प्रमोद पावन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने कुछ वीडियो जारी किए, जिसमें उन्होंने पुलिस के संरक्षण में चल रहीं अवैध गतिविधियों का खुलासा किया है। एएसआई प्रमोद पावन ने वीडियो में गोंदन थाना प्रभारी अरविंद भदौरिया, थरेट थाना प्रभारी अनफसुल हसन, आरक्षक चालक रुपनारायण यादव और आरक्षक अरविंद यादव पर मानसिक प्रताड़ना और अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में एएसआई ने कहा कि वे बीते कई दिनों से थाना स्तर पर चल रही जुआ, सट्टा और अवैध रेत खनन जैसी गतिविधियों का विरोध कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे हैं, उन पर पूर्व में भी अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामले की जांच शुरू हो गई है। वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी सूरज वर्मा ने बताया कि मामले की जांच डीएसपी अजाक उमेश गर्ग को सौंपी गई है। एक विशेष टीम का गठन भी किया जा रहा है, जो इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी। डीएसपी गर्ग ने कहा कि जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिला रहे हैं।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की