छतरपुर में पिछले 48 घंटे की बारिश ने मचाई तबाही, प्रशासन करा रहा नुकसान का सर्वे
छतरपुर: जिले में लगातार पिछले 20 घंटों से हो रही बारिश के चलते लोगो का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, उसकी तबाही की तस्वीरें अब सामने आई है. कहीं मकान धराशाई हुए तो कहीं घर के अंदर नदी का पानी घुस गया. फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं. ग्रामीण इलाकों को मुख्यालयों से जोड़ने वाले मार्ग बंद हो गए.
दरसल छतरपुर जिले में 48 घंटे हुई लगातार बारिश ने तबाही मचा दी. किशोर सागर तालाब का पानी घरों में घुस गया और लोग पलायन कर गए. छतरपुर लवकुश नगर को जोड़ने वाला मार्ग तेज बहाव के कारण बह गया. भोपाल से छतरपुर आई एंबुलेंस कैंडी गांव के पास रिपटा पार करते समय तेज़ बहाव में बह गई ग्रमीणों ने ड्राइवर को बचाया.
छतरपुर जिले में दर्ज की गई 12.2 इंच बारिश, लबालब भर गए बांध
वही छतरपुर जिले के गौरिहार से बांदा जाने वाले गौरिहार से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले मार्ग खड्डी के पास बने पुल पर 2 फुट करीब ऊपर से पानी बह रहा है. जिसके बावजूद लोग अपनी और बच्चों की जान जोखिम में डाल कर नदी पार करने में लगे हैं. छतरपुर जिले में 12.2 इंच बारिश दर्ज की गई है, बांध लबालब भर गए और धसान देवरी के गेट खोले गए हैं. नदी किनारे के गांवों में रहने वालों को अलर्ट किया गया है.
छतरपुर लवकुश नगर रास्ता बंद, रोड बह गया
बारिश के बीच उर्मिल नदी भी उफान पर है. नदी के बहाव के रास्ते बंद हो गए. नदी का पानी इतना बढ़ गया कि लवकुश नगर के पास संजय नगर टोल प्लाजा तक डूब गया. तेज बहाव के कारण टोल प्लाजा से होकर जाने वाला मुख्य मार्ग जलमग्न हो गया और सड़क पानी में बह गई. लवकुश नगर का छतरपुर से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया.
भारी बारिश से किसान हुए बर्बाद
वहीं 20 घंटों से जिले में हो रही बारिश के चलते किसान बर्बादी की कगार पर दिखाई दे रहे हैं. तेज बहाव के कारण किसानों के बोए हुए बीज और अंकुरित फसलें पानी में बह गईं. जिले के भुसोर, संदनी, बंदनी, कर्री, पहरा, ईशानगर, पहाडगांव सहित कई गांव के किसानों को अब बुवाई के लिए दोबारा मेहनत और पैसा लगाना होगा. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की