बाढ़ का संकट: छतरपुर में उफनी धसान और सिंघाड़ी, ग्रामीणों को रेस्क्यू कर निकाला गया बाहर
छतरपुर। छतरपुर जिले में बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश और सुजारा बांध से धसान नदी में छोड़े गए पानी के कारण हरपालपुर क्षेत्र के चपरन गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पुराने चपरन गांव में धसान नदी के बीच टापू जैसे घरों में रहने वाले ग्रामीण एक बार फिर जलप्रलय में फंस गए। सुबह करीब 7 बजे 17 से 18 ग्रामीण, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे, पानी से घिरे घरों में फंस गए।
प्रशासन की अपील की अनदेखी, जान जोखिम में डाली
प्रशासन ने लगातार चेतावनी देते हुए इन ग्रामीणों से सुरक्षित स्थान चपरन गांव के मुख्य इलाके में आने की अपील की थी। लेकिन लोगों ने चेतावनियों को नजरअंदाज कर पुराने चपरन गांव में ही रहना जारी रखा। परिणामस्वरूप बारिश और बांध से छोड़े गए पानी ने इन्हें चारों ओर से घेर लिया। सूचना पर स्थानीय पुलिस, पटवारी आशीष पांडे और राजस्व अमले ने ग्रामीणों के सहयोग से नाव की मदद से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
सिंघाड़ी नदी में फंसे परिवार का सफल रेस्क्यू
इसी तरह, नौगांव के पास सिंघाड़ी नदी में आए तेज बहाव के कारण एक पूरा परिवार टापू में फंस गया था। कलेक्टर के निर्देश पर SDERF की टीम, SDM जीएस पटेल, महाराजपुर तहसीलदार और गढ़ीमलहरा थाना पुलिस की मौजूदगी में राहत कार्य चलाया गया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
नदी पार कर रहे लोग कर रहे जान का सौदा
चंदला विधानसभा क्षेत्र में गौरीहर से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले मार्ग पर भी संकट की स्थिति बनी हुई है। खड्डी पुल पर लगभग 2 फीट ऊपर से पानी बह रहा है, बावजूद इसके लोग अपनी और अपने बच्चों की जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। स्थानीय कुछ लोग इस संकट को कमाई का जरिया बना चुके हैं और पैसों के बदले महिलाओं और बच्चों को नदी पार करा रहे हैं।
प्रशासन अलर्ट, लेकिन जोखिम बरकरार
नौगांव तहसीलदार पीयूष दीक्षित के अनुसार, प्रशासन ने पूर्व में इन ग्रामीणों को राहत शिविरों में ठहराया था और समझाइश भी दी थी, लेकिन चेतावनियों की अनदेखी जारी रही। छतरपुर प्रशासन लहचूरा डैम से डिस्चार्ज हो रहे पानी पर निगरानी बनाए हुए है ताकि चपरन गांव में जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके।
जिले भर में जलभराव, कई जगह बाढ़ जैसे हालात
लगातार बारिश के कारण छतरपुर जिले के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कें जलमग्न हैं और कई मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।

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