भारत ने किया दो बैलिस्टिक मिसाइलों का सफल परीक्षण, परमाणु क्षमता से लैस
नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों पृथ्वी-2 और अग्नि-1 का सफल परीक्षण किया. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन मिसाइलों का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया. मंत्रालय ने बताया कि विशिष्ट सामरिक बल कमान द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण में सभी परिचालन और तकनीकी मानकों की पुष्टि की गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, पृथ्वी-2 मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 350 किलोमीटर है और यह 500 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है. यह पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार ले जा सकती है. वहीं, अग्नि-1 मिसाइल की मारक क्षमता 700-900 किलोमीटर है और यह 1,000 किलोग्राम का पेलोड ले जा सकती है.
लद्दाख में आकाश प्राइम मिसाइल का परीक्षण
इससे एक दिन पहले 16 जुलाई को, भारत ने लद्दाख में स्वदेशी रूप से विकसित आकाश प्राइम मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था. मिसाइलों का परीक्षण भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य संघर्ष के दो महीने बाद किया गया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए भारतीय सेना, डीआरडीओ और उद्योग जगत की सराहना की.
आकाश मिसाइल के परीक्षण के बाद रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की स्वदेशी रूप से विकसित वायु रक्षा प्रणालियों के 'असाधारण प्रदर्शन' के बाद हुआ है.
आकाश प्राइम, भारत की आकाश हथियार प्रणाली का उन्नत संस्करण है. मंत्रालय ने बयान में कहा, "भारत ने 16 जुलाई को भारतीय सेना के लिए आकाश हथियार प्रणाली के उन्नत संस्करण, आकाश प्राइम द्वारा लद्दाख में उच्च ऊंचाई पर दो हवाई उच्च गति वाले मानवरहित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट करके बड़ी उपलब्धि हासिल की."
मंत्रालय ने कहा कि आकाश हथियार प्रणाली को 4,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर संचालित करने और लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए अपग्रेड किया गया है. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उपयोगकर्ताओं से प्राप्त परिचालन संबंधी फीडबैक के आधार पर, परिचालन प्रभावशीलता में सुधार के लिए विभिन्न अपग्रेड किए गए हैं.

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