केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज, नए चेहरों की होगी एंट्री
नई दिल्ली
केंद्र सरकार के गठन के लगभग एक साल बाद भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अब चौतरफा बदलावों की ओर देख रहा है।संगठन ही नहीं, बल्कि सरकार में भी बदलाव की गतिविधियां तेज हो गई हैं। तमाम मीडिया सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार अब रुके हुए अहम फैसलों पर तेजी लाने जा रही है। चर्चा है कि मोदी सरकार अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल करने वाली है। इसके पीछे बीते कुछ डायन में जिस तरह की हलचलें हुईं हैं, वो बदलाव की ओर इशारा करती हैं। मसलन, चार राज्यसभा सदस्यों के मनोनयन, हरियाणा और गोवा में नए राज्यपालों और लद्दाख में उपराज्यपाल की नियुक्तियों ने मंत्रिमंडल बदलाव की चर्चा को और हवा दे दी है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कैबिनेट विस्तार 21 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले होगा या सत्र समाप्त होने के बाद। इस बीच, मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। हालांकि, आधिकारिक तौर पर बताया गया कि बैठक में संसद सत्र की रणनीति पर चर्चा हुई, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें मंत्रिमंडल से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ होगा। सूत्रों के अनुसार, ऐसे कुछ मंत्री जो वर्तमान में एक से अधिक मंत्रालयों का कार्यभार संभाल रहे हैं, उनका बोझ कम किया जा सकता है। मंत्रिपरिषद में नौ नए मंत्रियों को शामिल करने की गुंजाइश है, क्योंकि निर्धारित सीमा के तहत अभी इतनी सीटें खाली हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साल पहले 9 जून को 72 सदस्यीय मंत्रिपरिषद के साथ शपथ ली थी।
फेरबदल के संभावित आधार
मंत्रिमंडल में फेरबदल का मुख्य आधार परफॉर्मेंस को बताया जा रहा है. इसके अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे आगामी चुनावी राज्यों को मंत्रिपरिषद में अधिक प्रतिनिधित्व देने पर भी ज़ोर दिया जा सकता है। नए चेहरों को शामिल करके मंत्रिपरिषद को और अधिक युवा बनाने की भी तैयारी है।
किन मंत्रालयों में हो सकता है बदलाव?
सूत्रों की मानें तो आदिवासी मामले, अल्पसंख्यक मामले और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में फेरबदल की संभावना है।अन्य मंत्रालयों में राज्य मंत्री स्तर पर भी बदलाव देखे जा सकते हैं। गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी विभागों और मंत्रियों से उनके कामकाज का अहम प्रेजेंटेशन भी लिया था, जिसके आधार पर मंत्रियों की प्रदर्शन रिपोर्ट तैयार की गई है।

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