आपत्तिजनक टिप्पणी पर समय रैना ने मांगी माफी, महिला आयोग के सामने हुए पेश
मुंबई : स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना आज मंगलवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश हुए। कॉमेडियन ने यहां डिजिटल शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के हालिया एपिसोड में महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में माफी मांगी। समय रैना ने लिखित में माफी मांगते हुए खेद जताया।
महिला आयोग ने लिया था संज्ञान
बता दें कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया था और समय रैना को उनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए तलब किया था। शो में की गईं टिप्पणियों को महिलाओं के प्रति अपमानजनक और आपत्तिजनक माना गया था। राष्ट्रीय महिला आयोग ने शो के इस कंटेंट पर कड़ी असहमति जताई। साथ ही समय रैना को जिम्मेदारी याद दिलाई।
समय रैना को दिया यह सुझाव
सुनवाई के दौरान समय रैना ने आयोग को लिखित माफीनामा सौंपकर अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग को आश्वासन दिया कि उनकी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी और वे यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। राष्ट्रीय महिला आयो की अध्यक्ष विजया राहतकर ने महिलाओं के प्रति, विशेष रूप से सार्वजनिक और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर, सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने रैना को आगे से ऐसी कोई भी टिप्पणी करने से बचने का निर्देश दिया। साथ ही रैना को सलाह दी कि वे अपने प्लेटफॉर्म का उपयोग महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए करें'।
समय रैना ने वकील के साथ शेयर की फोटो
महिला आयोग के समक्ष पेश होने के बाद समय रैना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपने वकील के साथ एक फोटो भी शेयर किया है। उन्होंने अपने वकील हिमांशु शेखर को टैग करते हुए लिखा है, 'अपने मुख्य इंसान के साथ'। आयोग के निर्देश को स्वीकार करते हुए समय रैना ने भविष्य में जिम्मेदार और सम्मानजनक कंटेंट तैयार करने का वादा किया है।
महिला आयोग ने कहा- 'कंटेंट की निगरानी करते रहेंगे'
समय रैना ने मौखिक रूप से और लिखित रूप से यह प्रतिबद्धता जताई है। एनसीडब्ल्यू ने अपने आधिकारिक बयान में दोहराया कि सामाजिक दृष्टिकोण को आकार देने में सार्वजनिक हस्तियों और प्रभावशाली लोगों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। आयोग ने आगे कहा कि वह मनोरंजन और डिजिटल मीडिया में कंटेंट की निगरानी करता रहेगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि महिलाओं को सम्मानजनक और बिना किसी पूर्वाग्रह के चित्रित किया जाए।

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