हिमाचल प्रदेश में बाढ़ पर सियासत, कंगना रनौत ने राज्य सरकार पर निशाना साधा
शिमला । हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिले में हुआ है। इस त्रासदी के बाद सियासत शुरू हो गयी है। अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। कंगना रनौत ने बताया कि वह स्थिति का पूरा ब्यौरा केंद्र सरकार को प्रस्तुत करेंगी और राज्य के लिए राहत और फंड की मांग करेंगी।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ”बहुत नुकसान हुआ है। जानमाल की हानि हुई है। कई दुकानें और घर बह गए हैं। मैं इसका ब्यौरा केंद्र सरकार को दूंगी, साथ ही राज्य के लिए राहत और फंड की मांग करूंगी। पिछली बार केंद्र सरकार ने हिमाचल को हजारों करोड़ की सहायता दी थी, जो पूरी तरह से जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पाई। इस बार उम्मीद करती हूं कि राज्य सरकार राहत राशि को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाएगी।”
वहीं, हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल फटने से भारी तबाही मची है। जिले के पधर उपमंडल की चौहारघाटी स्थित कोरतंग गांव से सटे नाले में अचानक आए पानी के सैलाब में तीन पुल बह गए। तेज बहाव के कारण नाले के किनारे स्थित खड़ी फसलें व बागीचे भी पानी और पहाड़ से आए मलबे में समा गए। गनीमत रही कि इस आपदा में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि खराब मौसम में लोगों को अपनी जान का खतरा भी सता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे गांव को ही भविष्य में गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता है।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की