अब 9400 करोड़ की डील कर दे दी बिड़ला को टक्कर
नई दिल्ली। सज्जन जिंदल। एक ऐसा नाम जिसे स्टील बिजनेस का टाइकून कहा जाता है। इस नाम ने स्टील बिजनेस से इतर भी अपनी एक अलग पहचान बना ली है। ये कोई साधारण नाम नहीं है। मात्र कुछ ही सालों में एनर्जी, ऑटोमोबाइल, स्पोर्ट्स से लेकर पेंट्स तक में इस नाम की तूती बोलने लगी है। ये नाम JSW ग्रुप का मालिक है। जिंदल ग्रुप की शुरुआत सज्जन जिंदल के पिता ओम प्रकाश जिंदल ने की थी। उन्होंने दो शादियां की थी। पहली पत्नी विद्या देवी जिंदल से दो बेटे पृथ्वीराज जिंदल और सज्जन जिंदल हुए। दूसरी पत्नी सावित्री जिंदल से भी दो बेटे रतन जिंदल और नवीन जिंदल हुए।
चारों बेटों में बंटवारा हुआ। सभी अलग-अलग कंपनियों को संभालने लगे। सज्जन जिंदल के हाथों JSW की कमान मिली। शुरु में ये कंपनी स्टील बनाने के लिए जानी जाती थी। लेकिन आगे चलकर इस कंपनी ने अपने बिजनेस को अलग-अलग क्षेत्रों में डाइवर्सिफाई कर दिया। आज यानी 27 जून को JSW ग्रुप ने ऐसी डील की पेंट सेक्टर में खलबली मच गई। पेंट इंडस्ट्री की नंबर दो कंपनी बिरला ओपस पेंट्स को सीधे टक्कर मिलेगी।
JSW ग्रुप की कंपनी जेएसडब्ल्यू पेंट्स ने 9400 करोड़ की डील करके पेंट्स सेक्टर में खलबली मची दी है। इन्होंने 2019 में ही JSW पेंट्स की शुरुआत करके इस इंडस्ट्री में पहले ही कदम रख दिया था। लेकिन अब एक और बड़ी डील करके उन्होंने इस सेक्टर में बड़े प्लेयर्स की कुर्सी हिला दी है। Akzo Nobel का पेंट प्रोडक्ट Dulux ब्रांड नाम से मार्केट में अपनी अच्छी खासी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। Dulux पेंट्स में जेएसडब्लू की हिस्सेदारी 74.76 फीसदी हो गई है।
सज्जन जिंदल का ऐसा शुरू हुआ था सफर
सज्जन जिंदल ने 1982 में पिता OP जिंदल समूह के साथ अपना सफर शुरू किया। यहां उन्होंने स्टील के कारोबार पर फोकस किया और जिंदल आयरन एंड स्टील कंपनी (JISCO) की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। बाद में JSW स्टील के रूप में विकसित हुई, जो इस समय JSW समूह की प्रमुख कंपनी है।
सज्जन जिंदल ने JSW को बनाया नंबर वन
सज्जन जिंदल की लीडरशिप में JSW स्टील ने ऑपरेशन को आधुनिक बनाया और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को अपनाया, जिससे उनकी स्टील कंपनी ने वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान बनाई। सज्जन ने अधिग्रहण और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के माध्यम से कंपनी की क्षमता का राजनीतिक विस्तार किया, जिससे JSW भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के स्टील उत्पादकों में से एक बन गया, जिसकी वैश्विक स्तर पर मजबूत उपस्थिति है।
स्टील का बिजनेस संभालने के बाद सज्जन जिंदल ने 1994 में JSW Energy लिमिटेड की शुरुआत की। जेएसडब्ल्यू एनर्जी के पास थर्मल, हाइड्रो और सोलर प्लांट्स हैं। इस समय कंपनी का मार्केट कैप 91,845.23 करोड़ रुपये का है।
ऑटो इंडस्ट्री में JSW ग्रुप का है जलवा
JSW ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ऑटो इंडस्ट्री में धाक जमा चुके हैं। उन्होंने चीनी ऑटो निर्माता कंपनी SAIC मोटर के ज्वाइंट वेंचर करके 2017 में MG Motor India शुरू किया था।
स्पोर्ट्स सेक्टर में भी JSW ग्रुप
JSW ग्रुप ने 2012 में जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स की शुरुआत की थी। आईपीएल की दिल्ली कैपिटल्स टीम इसी ग्रुप की है। क्रिकेट अलावा इसके पास फुटबॉल, कबड्डी और अन्य खेलों की भी टीम है।
ऐसा है भारत का पेंट मार्केट
JSW ग्रुप ने 600 करोड़ रुपये का निवेश करके 2019 में जेएसडब्ल्यू पेंट्स की शुरुआत की थी। अब जेएसडब्ल्यू पेंट्स भारत Dulux में 74.76 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान कर दिया है। Akzo Nobel और JSW पेंट्स के बीच डील हो चुकी है। भारत में पेंट का बाजार तकरीबन 90,000 करोड़ रुपये का है।
पेंट बाजार पर वर्तमान में एशियन पेंट्स, बिड़ला ओपस, बर्जर पेंट्स, कंसाई नेरोलैक, इंडिगो पेंट्स और अक्जो नोबेल इंडिया जैसी प्रमुख कंपनियों का दबदबा है। लेकिन 2019 में शुरू हुए JSW Paints ने अक्जो नोबेल के साथ डील करके प्रमुख प्लेयर बन गया है। एक समय था का भारत के बाजार में एशियन पेंट्स का 75 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी रखता था। लेकिन मार्च 2025 के आंकड़ों के अनुसार एशियन पेंट्स की हिस्सेदारी 52 फीसदी हो गई है। एशियन पेंट्स भारत की सबसे बड़ी पेंट्स कंपनी है। बिरला ओपस के पास अब सजावटी पेंट्स बाजार में कुल उद्योग क्षमता हिस्सेदारी का 21% से अधिक हिस्सा है।
भारत में इस समय पेंट का तीसरा सबसे बड़ा प्लेयर बर्जर पेंट्स है। इसकी यूनिट भारत, नेपाल, पोलैंड और रूस में हैं, जो अपने सजावटी, औद्योगिक और ऑटोमोटिव पेंट्स के लिए जानी जाती है।
डील के बाद चौथे नंबर की कंपनी बनी JSW Paints
जेएसडब्ल्यू पेंट्स और अक्जो नोबेल के बीच हुए समझौते के बाद जिंदल के स्वामित्व वाली पेंट निर्माता कंपनी JSW Paints भारत के पेंट बाजार में चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है।
अक्जो नोबेल के पास भारत में लगभग 7% बाजार हिस्सेदारी है और यह इस क्षेत्र में सबसे अधिक प्रॉफिटेबल कंपनियों में से एक है। इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 250 मिलियन लीटर है, जो अपने ड्यूलक्स ब्रांड के साथ उच्च-स्तरीय सजावटी पेंट पर केंद्रित है।

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