देश में पहली बार रथ यात्रा में भीड़ नियंत्रण के लिए लगेगी AI तकनीक: हर्ष संघवी
अहमदाबाद | 27 जून को अहमदाबाद में निकलने वाली भगवान जगन्नाथजी की 148वीं रथ यात्रा के लिए सुरक्षा समेत सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने आज भगवान जगन्नाथ के नेत्रोत्सव समारोह में भाग लिया, आरती की और ध्वजारोहण भी किया। गृह राज्य मंत्री ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पूरे मार्ग का पैदल निरीक्षण किया। साथ ही, मंत्री ने राज्य पुलिस प्रमुख विकास सहाय और शहर पुलिस आयुक्त जी.एस. मलिक सहित उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। रथ यात्रा के मार्ग निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए हर्ष संघवी ने कहा कि अहमदाबाद में जगन्नाथजी की रथ यात्रा आस्था और प्रबंधन की सबसे बड़ी यात्रा है। देश में पहली बार अहमदाबाद की रथ यात्रा में भीड़ प्रबंधन के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान भीड़ पर नजर रखने और भगदड़ जैसी कोई अप्रिय घटना न घटे, यह सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन और एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद ली जा रही है ताकि श्रद्धालु आसानी से जगन्नाथ जी के दर्शन कर सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। रथ यात्रा के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बारे में बात करते हुए मंत्री ने कहा कि रथ यात्रा के पूरे मार्ग की 3डी मैपिंग की गई है। 3डी मैपिंग के ग्राफिक्स के आधार पर पुलिस व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अहमदाबाद रथ यात्रा के लिए 3,500 सीसीटीवी कैमरे, 2,872 बॉडी-वॉर्न कैमरे, 240 टेरेस प्वाइंट, 25 वॉच टावर और 23,844 पुलिस कर्मियों के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हर्ष संघवी ने आगे कहा कि अहमदाबाद समेत पूरे राज्य में 213 रथयात्राएं आयोजित की जाती हैं। गुजरात पुलिस ने धार्मिक संगठनों के साथ मिलकर इन रथयात्राओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था की है। मंत्री ने आगे कहा कि अहमदाबाद में रथ यात्रा सामाजिक एकता का प्रतीक है। अहमदाबाद पुलिस ने सामाजिक पुलिसिंग के माध्यम से सभी समुदायों के बीच भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास किया है। क्रिकेट टूर्नामेंट सहित अन्य खेल खेले गए हैं। महिला पुलिस अधिकारियों ने भी महिलाओं के साथ बैठकें कर शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए उनका सहयोग लेने का प्रयास किया है। रथ यात्रा मार्ग पर जर्जर मकानों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जर्जर मकानों का सर्वेक्षण किया गया है, 484 खतरनाक मकानों की पहचान की गई है और उन सभी को सील कर दिया गया है, तथा एएमसी के सहयोग से उन्हें तिरपाल से रोकने का काम किया गया है। उन्होंने बताया कि रथ यात्रा के दौरान अगर छोटे बच्चे खो जाते हैं तो उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए रथ यात्रा मार्ग पर 17 जनसहायता केंद्र बनाए जाएंगे। पिछले साल ऐसे केंद्रों के जरिए 65 से ज्यादा बच्चों को उनके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाया गया था। इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने अहमदाबाद सिटी पुलिस के समर्पित कार्य की प्रशंसा की।

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