अब Jio Payments Bank पर Jio Financial का पूरा कंट्रोल! ₹104.5 करोड़ में SBI का हिस्सा खरीदा
देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली JFSL यानी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने 104.54 करोड़ रुपये के एक सौदे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से जियो पेमेंट्स बैंक में उसकी 17.8% हिस्सेदारी को खरीद लिया है. इस अधिग्रहण के बाद जियो पेमेंट्स बैंक अब JFSL की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है. JFSL आक्रमक तरीके से फाइनेंशियल सर्विसेज के पोर्टफोलियो का आकार बढ़ा रही है. एक तरफ कंपनी ने इक्विटी और म्यूचुअल फंड के बाजार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए ब्लैकरॉक के साथ समझौता किया है. वहीं, पेमेंट सर्विसेज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है.
जियो पेमेंट्स बैंक को 2018 में रिलायंस इंडस्ट्रीज और एसबीआई ने 70:30 फीसदी के अनुपात में जॉइंट वेंचर के तौर पर शुरू किया था. पिछले कुछ वर्षों में रिलायंस ने पेमेंट बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. अक्टूबर 2022 में रिलायंस ने अपने समूह पुनर्गठन के हिस्से के रूप में अपने वित्तीय सेवा व्यवसाय को रिलायंस स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट्स में विभाजित करने का ऐलान किया था. इस डिमर्जर से अलग हुई इकाई का नाम बदलकर जियो फाइनेंशियल सर्विसेज कर दिया गया और इसे अगस्त 2023 में लिस्ट किया गया था.
क्या है जियो पेमेंट्स बैंक अधिग्रहण समझौता?
जियो पेमेंट बैंक असल में SBI और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का जॉइंट वेंचर था. अब इसे पूरी तरह से जियो फाइनेंशियल ने खरीद लिया है. मंगलवार को जियो फाइनेंशियल और SBI के बोर्ड ने इस सौदे को मंजूरी दी है. इस समझौते के तहत SBI ने जियो पेमेंट्स बैंक में अपनी पूरी हिस्सेदारी जियो फाइनेंशियल को बेचने का फैसला किया है. फिलहाल, इस सौदे को 45 दिनों में भीतर रिजर्व बैंक से मंजूरी लेनी होगी.
SBI ने कितने में बेचा एक शेयर?
SBI के पास जियो पेमेंट्स बैंक में 17.8 फीसदी हिस्सेदारी थी. इस सौदे के तहत SBI ने अपने 7.9 करोड़ शेयर 13.22 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 104.54 करोड़ रुपये में बेचने का फैसला किया है. SBI की तरफ से हिस्सेदारी बेचे जाने के बाद जियो पेमेंट बैंक में जियो फाइनेंशियल की हिस्सेदारी 82.17% फीसदी हो गई है.
शेयर में आई सुस्ती
इस अधिग्रहण के बाद बुधवार 18 जून को जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का शेयर 0.71 फीसदी तेजी के साथ 206.25 रुपये पर बंद हुआ. पिछले एक महीने में इस शेयर में 3.86 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, पिछले 6 महीने में शेयर प्राइस में 11.35 फीसदी की गिरावट हुई है.

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