शिलांग में हनीमून से पहले एक ही थाली में खाते थे राजा और सोनम, गिफ्ट ठुकराने का क्या है राज
इंदौर: ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या मामले में पुलिस की जांच जारी है. राजा के परिजनों का कहना है कि शादी के चार दिन बाद सोनम अपने घर रवाना हो गई. लेकिन इस दौरान उसका बर्ताव कभी इस तरह का नजर नहीं आया कि वह राजा की हत्या करवा देगी. राजा की मां उमा रघुवंशी ने बताया कि सोनम के पिता के द्वारा ही राजा और सोनम की कुंडली मिलाई गई थी. कुंडली मिलाने के दौरान 23 गुण मिले थे और राजा को सोनम पसंद आ गई थी. जिसके चलते हमने उनकी शादी करवा दी. हमें उसके मंसूबे का एहसास नहीं था.
राजा के परिजनों ने कहा, सोनम और उसके साथियों को पुलिस सख्त सजा दे
उनका कहना है कि फिलहाल जो सबूत अब सामने आए हैं उसके आधार पर हमें सोनम की कई बातें याद आ रही हैं. यदि हम उन पर आपत्ति लेना शुरू कर देते तो आज राजा हमारे बीच होता. हमारी मांग है कि आरोपी सोनम और उसके साथियों को पुलिस सख्त सजा दे. उनको फांसी की सजा हो. बता दे ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई को इंदौर की सोनम रघुवंशी से हुई थी. 12 मई को सोनम अपने पति राजा के साथ घर पर पहुंची. राजा के परिजनों ने उसका घर में स्वागत किया. 12 मई को कुछ रस्म होने के बाद मुंह दिखाई की रस्म हुई.
सोनम को हलवा बनाना नहीं आ रहा था, राजा की भाभी ने उसको सहयोग किया
इस दौरान सोनम ने मीठा हलवा बनाया गया जो उसने घर के सभी सदस्यों को सर्व किया. सभी ने उसे नेग के रूप में उपहार भी दिया. इसके बाद वह सीधे अपने कमरे में चली गई. राजा की मां उमा ने बताया कि सोनम को हलवा बनाना नहीं आ रहा था. घर की अन्य महिलाओं ने उसका सहयोग किया, जिसमें राजा की भाभी वर्षा भी शामिल थीं. सभी को हलवा सर्व करने के बाद सोनम अपने कमरे में चली गई. उसने सभी के साथ बैठकर खाना नहीं खाया. जिस पर घर की महिलाओं ने राजा और सोनम का खाना एक ही थाली में रखकर उसके कमरे में ही भेज दिया. जहां दोनों ने एक साथ एक ही थाली में खाना खाया.
डाइनिंग टेबल पर हमेशा अपने मोबाइल पर कुछ ना कुछ टाइप करती रहती थी सोनम
वहीं 13 मई को भी इसी तरह से परिवार के सदस्यों ने खाना उनके ही कमरे में भेज दिया, जहां पर दोनों ने साथ में खाना खाया. वहीं 14 मई को राजा जब अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बैठकर खाना खा रहा था तो सोनम भी सभी के साथ में खाना खाने के लिए नीचे आ गई. इस दौरान उसने राजा को खाना सर्व किया और खुद भी डाइनिंग टेबल पर बैठकर सबके खाना. इस दौरान वह हमेशा अपने मोबाइल पर कुछ ना कुछ टाइप करती रहती थी. लेकिन परिजनों को यह लगता था कि वह अपने व्यापार और परिजनों से बातचीत करती होगी, जिस पर किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया.
चार दिनों में सोनम के बर्ताव से कभी ऐसा नहीं लगा कि वह ऐसा खतरनाक इरादा रखती है
राजा की मां उमा रघुवंशी का कहना है कि उन चार दिनों में उसके बर्ताव से कभी ऐसा नहीं लगा कि वह ऐसी खतरनाक प्लानिंग कर रही है. वहीं 15 मई को उसका भाई गोविंद व उसके परिवार के कुछ सदस्य आए और उसे अपने साथ लेकर अपने घर चले गए. विदाई के वक्त अपने साथ लाए कपड़ों का सूटकेस को साथ ले गई लेकिन राजा के परिजनों द्वारा दिए गए गिफ्ट को उसने राजा के कमरे में ही छोड़ दिया.
परिजनों को ये कुछ अटपटा लगा लेकिन नई बहू होने के चलते उन्होंने कोई सवाल नहीं किया. 20 मई को राजा ने परिजनों को यह जानकारी दी कि सोनम ने मां कामाख्या के दर्शन की मन्नत मांगी है. कामाख्या देवी के दर्शन करने के लिए वह सोनम के साथ जा रहा है. यह पूरा प्लान सोनम ने ही बनाया था. 20 मई को प्लान के मुताबिक राजा रघुवंशी एयरपोर्ट पहुंच जाता है. कुछ ही देर बाद सोनम अपने भाई गोविंद के साथ एयरपोर्ट आ जाती है. इसके बाद वे एयरपोर्ट से सीधे मां कामाख्या के दर्शन करने के लिए रवाना हो जाते हैं.

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