गोविंदा के संघर्ष की असली कहानी आई सामने, पत्नी सुनीता ने सुनाया दर्द
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा, जिन्हें उनके बेबाक अंदाज के लिए जाना जाता है। उन्होंने हाल ही में बताया कि गोविंदा के करियर में आई गिरावट में उनके कुछ करीबी लोगों का हाथ हैं। इस पर उन्होंने कई खुलासे किए हैं और अपने विचार रखे हैं। जानिए एक्टर की पत्नी ने क्या कहा।
गोविंदा के करियर पर की बात
दिग्गज अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा हाल ही में द पावरफुल ह्युमन्स के साथ एक इंटरव्यू में शामल हुईं, जहां उन्होंने कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने बातचीत के दौरान अभिनेता के करियर में गिरावट को लेकर कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, ‘गोविंदा पिछले 17 सालों से बड़े पर्दे पर क्यों नहीं दिखे? क्योंकि उनके आसपास रहने वाले लोग पूरी तरह से गलत हैं, वो सब सिर्फ वाह-वाह करने वाले लोग हैं। मेरा और गोविंदा का झगड़ा भी होता है, क्योंकि मैं झूठ नहीं बोल सकती और लोगों की चापलूसी नहीं कर सकती। आज उनके पास एक लेखक, एक सेक्रेटरी और एक दोस्त जैसा वकील है, जो सब फालतू हैं, क्योंकि वो सिर्फ उनकी तारीफ करते हैं और कहते हैं कि क्या शानदार काम किया है। वहीं जब मैं सच बोलती हूं, तो वो चिढ़ जाते हैं।’
अभिनेता को पत्नी ने दी सलाह
गोविंदा की पत्नी ने आगे बात करते हुए कहा, 'मैंने उनसे कहा, 90 का दशक खत्म हो चुका है। आज क्या चल रहा है, यह देखिए- नेटफ्लिक्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म। लेकिन वे अपने वाह-वाह प्रोडक्शंस के घेरे में फंसे हुए हैं। मैंने उनसे कहा कि वे अपने आस-पास के लोगों को बदलें, क्योंकि जब तक वे चार या पांच लोग उनके साथ हैं, वे उन्हें आगे नहीं बढ़ने देंगे। कोई व्यक्ति जो 90 के दशक में लगातार हिट फिल्में दे रहा था, वह यह मानने लगा कि मैं सोलो-हीरो फिल्में करूंगा और वे चलेंगी। लेकिन ‘बड़े मियां छोटे मियां’ सोलो-हीरो फिल्म नहीं थी और ना ही ‘आंखें’ थीं। उनके आस-पास के लोगों ने उनके दिमाग में यह मिथक बैठा दिया कि वह बहुत शानदार हीरो हैं। लेकिन आज सोलो-हीरो फिल्में नहीं चलती हैं, जब तक उसमें मजबूत विषय और एक अच्छा निर्देशक ना हो।'
एक नजर गोविंदा के करियर पर
90 के दशक में गोविंदा ने कई हिट फिल्म दी थीं। अभिनेता को आखिरी बार साल 2019 में आई कॉमेडी फिल्म 'रंगीला राजा' में देखा गया था, जिसका निर्देशन सिकंदर भारती ने किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी।

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