भूलकर भी पर्स में न रखें ये चीजें, कर देंगी कंगाल, रूठ जाएंगी मां लक्ष्मी, तरस जाएंगे एक-एक पैसे को!
वास्तु शास्त्र सिर्फ हमारे घर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हमारे रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजों पर भी असर डालता है, उन्हीं में से एक पर्स भी है. पर्स आर्थिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है और धन का प्रतीक भी माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ चीजें ऐसी हैं जो पर्स में बिल्कुल भी नहीं रखनी चाहिए.
इससे माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और जीवन पर बुरा असर पड़ सकता है. आर्थिक तंगी भी झेलनी पड़ सकती है. वास्तु शास्त्र के मुताबिक पर्स को लेकर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए,
क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे घर में पर्स माता लक्ष्मी का ही प्रतीक माना जाता है. वहीं वास्तु शास्त्र में पर्स का बहुत खास महत्व होता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसी चीजें हैं जो पर्स में बिल्कुल भी नहीं रखनी चाहिए, इससे आर्थिक तंगी हो सकती है और धन हानि के साथ बुरी ऊर्जा बढ़ सकती है.
इन चीजों को भूलकर भी न रखें पर्स में
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सबसे पहले पर्स फटा या पुराना बिल्कुल भी नहीं रखना चाहिए. इससे माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और धन हानि हो सकती है. अगर बहुत महंगा नहीं ले सकते तो सामान्य पर्स खरीदें पर फटा हुआ पर्स न रखें.
फटा नोट
अगर आप भी अपने पर्स में फटा या पुराना नोट रखते हैं, तो तुरंत पर्स से निकाल दें, नहीं तो आपको बार-बार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. अगर आप व्यापार करते हैं तो व्यापार में भी घाटा हो सकता है.
लोहे की चीज
अपने पर्स में भूलकर भी छोटे-मोटे लोहे की चीजें नहीं रखनी चाहिए जैसे सेफ्टी पिन, चाबियां आदि. इससे अच्छी ऊर्जा का बहाव रुकता है और धन हानि की संभावना बढ़ जाती है.
दवाई
अपने पर्स में भूलकर भी दवाई नहीं रखनी चाहिए, इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है. आमदनी की जगह ज्यादा खर्च बढ़ सकता है.
किसी मृत व्यक्ति की तस्वीर
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अपने पर्स में भूलकर भी किसी मृत व्यक्ति की तस्वीर नहीं रखनी चाहिए, इससे आर्थिक परेशानी आ सकती है. नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. पर्स में सिर्फ देवी-देवताओं की तस्वीर रखें.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की