राशन कार्ड बना बदलाव की चाबी-अब बच्चों का भविष्य सुरक्षित
मोहला : ग्राम मरकाटोला निवासी यमुना मेश्राम की जिन्दगी में एक समय ऐसा भी था जब उन्हें बाजार से महंगे दामों पर अनाज खरीदना पड़ता था। सीमित आमदनी के चलते यह बोझ उनके परिवार की जरूरतों पर भारी पड़ता था। बच्चों की किताबें और कपड़े जैसी बुनियादी चीजों के लिए पैसे जुटाना मुश्किल हो जाता था।
लेकिन जब उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजना अंतर्गत राशन कार्ड प्राप्त हुआ, तब से उनकी जिंदगी में बदलाव की नई कहानी लिखी गई। अब उन्हें हर महीने ग्राम पंचायत की राशन दुकान से मुफ्त चावल मिल रहा है। इस छोटे से बदलाव ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी जिस पैसों से पहले केवल खाने का इंतजाम होता था, अब उससे बच्चों की किताबें, कपड़े और छोटी-मोटी घरेलू जरूरतें पूरी हो जाती हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अब थोड़ी-थोड़ी बचत करना भी शुरू कर दिया है।
यमुना कहती हैं कि, राशन कार्ड सिर्फ अनाज की पर्ची नहीं है, ये मेरे लिए आत्मसम्मान, सुरक्षा और भविष्य की उम्मीद का द्वार है। वे शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इस योजना ने मुझे और मेरे परिवार को एक नई शुरुआत का मौका दिया। अब हमारे घर में सिर्फ भोजन ही नहीं, मुस्कान और विश्वास भी है।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की