बेंगलुरु भगदड़: प्रियांक खरगे बोले– 'हां, प्रशासन से गलती हुई, टाला जा सकता था हादसा'
बेंगलुरु: बेंगलुरु भगदड़ पर कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे का बयान आया है. इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि यह प्रशासन की गलती थी, प्रशासन अगर थोड़ा और ध्यान देता तो इतना बड़ा हादसा होने से टल जाता. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा की बीजेपी इस मामले में राजनीतिकरण कर रही है.
बेंगलुरु भगदड़ पर कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे का बयान आया है. इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि यह प्रशासन की गलती थी, प्रशासन अगर थोड़ा और ध्यान देता तो इतना बड़ा हादसा होने से टल जाता. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा की बीजेपी इस मामले में राजनीतिकरण कर रही है.
कर्नाटक सरकार ने भूल को स्वीकारा
अब इस पूरे घटनाक्रम पर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि हां, गलती हुई है. बेहतर योजना और समन्वय से इसे टाला जा सकता था. उन्होंने कहा कि एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता 35,000 लोगों की है, लेकिन 2 से 3 लाख लोग अचानक सड़कों पर उमड़ पड़े. हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन हम भीड़ को नियंत्रित नहीं कर पाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसकी जिम्मेदारी ली है और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इसके लिए सुधारात्मक कदम उठाये जाएं.
बीजेपी पर साधा निशाना
बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए खरगे ने कहा कि बीजेपी को इससे कोई मतलब नहीं की स्थिति कैसी है, उसे हर चीज में राजनीतिकरण करना पसंद है. उन्होंने कहा कि जब हमने बीजेपी को बताया कि इतने कम समय में खुली बस में विक्ट्री परेड करना असंभव है क्योंकि व्यवस्थाओं के अभाव हैं, तो उन्होंने कहा कि हम टीम का अपमान कर रहे हैं. वहीं बीजेपी अब हमारी गलती पर नैतिकता का पाठ पढ़ा रही हैं. बाद में उन्होंने वह पोस्ट हटा दी गई है. इसके आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी चीज को लेकर राजनीतिकरण करने में कभी पीछे नहीं हटती, फिर चाहे वह राष्ट्रीय भावना ही क्यों न हो.
बीजेपी ने कर्नाटक सरकार पर दागे सवाल
बीजेपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कर्नाटक की सरकार को सवालो के घेरे में ले लिया. उन्होंने कहा कि क्या ये मात्र एक एक्सीडेंट था? ये नार्मल भगदड़ नहीं थी. सीएम कहते है कि ऐसी भगदड़ होती रहती है. यह सीएम और डिप्टी सीएम के आपसी झगड़े से हुआ है. उन्होंने कहा कि जब स्टेडियम में 35000 लोगों की कैपेसिटी थी, तो 3 लाख लोग कैसे आ गए. इसके आगे उन्होंने कहा कि विक्ट्री मार्ग किसके कहने पर कराई गई, उसके लिए कौन जिम्मेदार है, ऑर्गनाइजर और पुलिस के बीच में कॉर्डिनेशन क्यों नहीं हुआ?
बाहर मातम, अंदर खुशी
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि बाहर लोग मर रहे थे और अंदर सेलिब्रेशन चल रहा था. उन्होंने कहा कि सबको पता था कि क्रिकेट फैंस भारी मात्रा में सड़क पर आएंगे, इसके बावजूद कोई ठोस व्यवस्था क्यों नहीं की गई. क्या सीएम और डिप्टी सीएम इस्तीफा देंगे? 25 हजार एक्स्ट्रा टिकट बेचे हैं. राहुल गांधी कहां हैं? क्या वो सीएम-डिप्टी सीएम को तलब करेंगे?

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