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भोपाल: मध्य प्रदेश में कर्मचारी अधिकारियों के तबादलों की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के लिए भी खुशी की खबर है. मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के तबादलों का रास्ता भी खुल गया है. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अपने संविदा कर्मचारियों के तबादलों की व्यवस्था शुरू कर दी है. हालांकि, एक स्थान से दूसरे स्थान पर संविदा कर्मचारियों को भेजे जाने का तबादला नहीं कहा जाएगा, इसे स्थान परिवर्तन नाम दिया जाएगा. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बाद अब दूसरे विभाग के संविदा कर्मचारियों को भी तबादलों की उम्मीद जाग गई है.
संविदा कर्मचारियों को लेकर अभी यह है नीति
मध्य प्रदेश में विभिन्न विभागों में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की संख्या करीबन ढाई लाख है. इन कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में एग्रीमेंट के तहत रखा गया है. हालांकि, इन कर्मचारियों के अभी तबालदों की पात्रता नहीं है. संविदा कर्मचारियों को पदस्थापना में संशोधन करने की कोई नीति भी नहीं है. इसलिए कुछ परिस्थितियों को ध्यान में रखकर संविदा कर्मचारियों को पदस्थापना में बदलाव के लिए पंचायत विभाग में यह व्यवस्था शुरू की गई है. हालांकि पंचायत एवं ग्रामीण विभाग द्वारा व्यवस्था शुरू किए जाने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि दूसरे विभागों में भी इस तरह की सुविधा संविदा कर्मचारियों को दी जा सकती है.
शर्तों के साथ होंगे संविदा कर्मचारियों के तबादले
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संविदा कर्मचारियों के तबादले शर्तों के साथ किए जा रहे हैं. पदस्थापना बदलने के पहले संविदा कर्मचारी का एग्रीमेंट खत्म किया जाएगा. नए कार्यस्थल पर संबंधित विभाग के नियोक्ता द्वारा नया संविदा कार्य सौंपा जाएगा.
नए स्थान पर नए सिरे से एग्रीमेंट होगा और इस एग्रीमेंट की कॉपी संबंधित योजना और कार्यक्रम के राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी.
संविदा कर्मचारी के तबादले को तबादला नाम न देकर इसे स्थान परिवर्तन कहा जाएगा.
एक बार यदि संविदा कर्मचारी का स्थान परिवर्तन हो जाता है तो अगले पांच साल तक इस पर विचार नहीं किया जाएगा.
स्थान परिवर्तन किए जाने के आदेश जारी होने पर संविदा कर्मचारी को 2 सप्ताह के अंदर कार्यमुक्त करना होगा.
स्थान परिवर्तन के बाद नए स्थान पर पहुंचने के बाद संविदा कर्मचारी के साथ एक सप्ताह के अंदर एग्रीमेंट प्रक्रिया को पूरा करना होगा.
मंत्री के अनुमोदन से संविदा कर्मियों के होंगे तबादले
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संविदा कर्मचारियों के लिए जिले से जिले और जिले से दूसरे जिले में किए जाने की व्यवस्था शुरू की है. संविदा कर्मचारियों के जिले के अंदर स्थान परिवर्तन कलेक्टर द्वारा किया जाएगा. इसके लिए प्रभारी मंत्री का अनुमोदन लेना होगा. वहीं, एक जिले से दूसरे जिले में स्थान परिवर्तन सिर्फ स्वैच्छिक आधार पर ही होंगे. इसमें विधवा, वैवाहित, तलाकशुदा महिलाओं को ऐसे जिले में भेजा जा सकेगा, जहां उनके परिजन, पति या परिवार रहता है. संविदा कर्मचारी परस्पर तबादले के आवेदन दे सकेंगे.
ट्रांसफर सुविधा से संविदा कर्मचारियों को मिलेगी राहत
मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी महासंघ की प्रांत अध्यक्ष रमेश राठौर ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है कि "आम कर्मचारियों की तरह संविदा कर्मचारियों की भी परेशानियां हैं. जरूरतमंद संविदा कर्मचारी को ट्रांसफर किए जाने से उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी. सरकार को संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी विचार करना चाहिए."

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