केरल तट के पास पलटा मालवाहक जहाज, समुद्र में फैला ईंधन, तटरक्षक ने जारी की चेतावनी
तिरुवनंतपुरम: केरल तट के पास एक बड़ा हादसा हो गया है. विझिंजम से कोच्चि जा रहा लाइबेरियाई मालवाहक जहाज 'एमएससी एल्सा-3' पलट गया, जिससे आठ कंटेनरों में भरा 367.1 टन माल समुद्र में गिर गया. इस माल में 84.4 टन समुद्री गैस तेल भी शामिल है, जिसके चलते तटरक्षक बल ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
यह जहाज विझिंजम बंदरगाह से कोच्चि की ओर जा रहा था, तभी कोच्चि तट से लगभग 38 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. जहाज पर चालक दल के 24 सदस्य सवार थे, जिनमें से रात आठ बजे तक तटरक्षक बल ने 21 सदस्यों को बचा लिया है. बाकी सदस्यों को बचाने के लिए प्रयास जारी है.
खतरनाक रसायन से खतरा: चिंता की बात यह है कि समुद्र में गिरे कंटेनरों में सल्फर युक्त तेल है, जिसका उपयोग जहाजों में ईंधन के रूप में किया जाता है. यह तेल बेहद खतरनाक है और इससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है. तटरक्षक बल ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आम लोगों को किसी भी कारण से इन कंटेनरों के पास नहीं जाना चाहिए और न ही इन्हें छूना चाहिए. यदि तट पर ऐसी कोई वस्तु मिलती है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना दें या 112 पर कॉल करें.
तेल रिसाव की आशंका: दुर्घटना के बाद केरल तट के कुछ इलाकों में तेल रिसाव की आशंका जताई जा रही है. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कंटेनरों में वास्तव में क्या है, लेकिन तटरक्षक बल ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के साथ जानकारी साझा की है कि उनमें खतरनाक सामग्री होने की संभावना है.
तटीय क्षेत्रों में अलर्ट: तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक के तटीय क्षेत्र में रहने वाले और मछली पकड़ने से जुड़े लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने के लिए कहा गया है. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सचिव शेखर कुरियाकोस ने एक वॉयस मैसेज में पुष्टि की है कि कंटेनरों में वीएलएसएफओ (वेरी लो सल्फर फ्यूल) और एमजीओ (मरीन गैस ऑयल) है.
बचाव अभियान जारी: घटनास्थल पर तटरक्षक बल का बचाव अभियान जारी है. वे चालक दल के सदस्यों को बचाने और तेल रिसाव को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.

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