भूल जाइए सिलिकॉन वैली! महाराष्ट्र ₹120 करोड़ के साथ 300 एकड़ में बना रहा है खुद की 'इनोवेशन नगरी'!
भारत सरकार ने स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाएं बनाई हैं, विशेषकर छोटे शहरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। तो महाराष्ट्र सरकार ने स्टार्टअप के लिए 120 करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स तैयार किया है ताकि स्टार्टअप की रेस में महाराष्ट्र सबसे आगे बना रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि निवेश और स्टार्टअप की संख्या के मामले में महाराष्ट्र देश में सबसे आगे है।
मुंबई में आयोजित स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 में फडणवीस बताया कि राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने के लिए 120 करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स बनाया है, जिसके माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम और बिक्री योग्य स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता दी जा रही है।
Start-Ups को लेकर क्या है महाराष्ट्र सरकार का प्लान
भारत की स्टार्टअप इकोसिस्टम आज विश्व में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रणालियों में से एक है। चीन के बाद भारत में सबसे अधिक स्टार्टअप हैं और भविष्य में भारत दुनिया की सबसे बड़ी स्टार्टअप शक्ति बनेगा। नवी मुंबई में 300 एकड़ क्षेत्र में देश की सबसे आधुनिक इनोवेशन सिटी बनाई जा रही है, जहां विज्ञान, प्रौद्योगिकी, जैव-प्रौद्योगिकी, डेटा साइंस और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जाएगा। साथ ही 12 विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों के परिसर वाली एज्युसिटी भी बनाई जा रही है, जिसमें एक लाख छात्र शिक्षा प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र को समृद्ध समुद्री किनारा प्राप्त है, जिससे सागरी अर्थव्यवस्था को लेकर अपार संभावनाएं हैं। इस आधार पर हजारों स्टार्टअप्स शुरू होकर नई व्यावसायिक संभावनाएं पैदा कर सकते हैं। तटीय स्वच्छता और समुद्री संसाधनों के प्रबंधन में नवोन्मेष और सतत समाधानों की आवश्यकता है। मरीन रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई संस्थाएं ठोस और तरल कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर नए प्रयोग कर रही हैं। समुद्र, नदियों या नालों में प्रदूषण का अधिकांश हिस्सा औद्योगिक नहीं बल्कि अन्य अपशिष्टों से होता है। यदि हम सतत तकनीकों की सहायता से इस कचरे का उचित प्रबंधन कर सकें, तो पारंपरिक जल स्रोतों को फिर से स्वच्छ बनाना संभव होगा। इसके लिए इनोवेटिव टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स की विशेष आवश्यकता है। कृषि क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र को देश की स्टार्टअप क्रांति का अगुवा बनाने का संकल्प है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में हम नेतृत्व प्रदान करेंगे।
देश में लगभग 2.5 लाख स्टार्टअप्स सक्रिय
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाएं बनाई हैं, विशेषकर छोटे शहरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। देश में लगभग 2.5 लाख स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिनमें से 49 फीसदी छोटे शहरों जैसे सूरत, अहमदाबाद, अमृतसर और चंडीगढ़ से आए हैं। अब तक 64,480 पेटेंट्स फाइल किए जा चुके हैं, जिनमें से 56 फीसदी पेटेंट भारतीयों द्वारा भारत में ही शिक्षा प्राप्त कर, यहीं काम करते हुए दाखिल किए गए हैं। यह बदलती सोच और अवसरों का विस्तार भारत को आत्मनिर्भर बना रहा है। उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी कर विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने का आह्वान किया।
गांवों तक पहुंचेगी नया स्टार्टअप नीति
कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता व नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने घोषणा की कि महाराष्ट्र सरकार एक नई स्टार्टअप नीति तैयार कर रही है, जो स्टार्टअप आंदोलन को शहरी क्षेत्रों से आगे ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने का प्रयास करेगी। स्टार्टअप केवल तकनीकी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर गांवों की समस्याओं का समाधान करने का माध्यम बनना चाहिए। इस नीति को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से जनता से सुझाव मांगे जा रहे हैं।

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