राइट्स इश्यू के बाद निवेशकों का भरोसा, फ्यूजन फाइनैंस का शेयर भागा
वारबर्ग पिनकस समर्थित कंपनी फ्यूजन फाइनैंस की 800 करोड़ रुपये की राइट्स इश्यू की पेशकश सफलता के साथ पूरी हो जाने से इसके शेयरों में 8 फीसदी से अधिक की उछाल दर्ज हुई। फ्यूजन फाइनैंस के पूर्ण चुकता शेयर 8.4 फीसदी बढ़कर 165.5 रुपये पर बंद हुए जबकि आंशिक भुगतान वाले शेयर 10 फीसदी बढ़कर 96 रुपये पर बंद हुए।
इस कैलेंडर वर्ष में अब तक के सबसे बड़े सफल राइट्स इश्यू को 1.5 गुना बोली मिली। इसमें हनी रोज इन्वेस्टमेंट (वारबर्ग पिनकस से संबद्ध) और क्रिएशन इन्वेस्टमेंट्स फ्यूजन सहित मौजूदा शेयरधारकों की मजबूत सहभागिता देखी गई।
2 मई तक हनी रोज़ के पास कंपनी की 35.2 फीसदी हिस्सेदारी थी जबकि क्रिएशन इन्वेस्टमेंट्स के पास 16.83 फीसदी हिस्सेदारी थी। दोनों को प्रवर्तक के रूप में वर्गीकृत किया गया है। सार्वजनिक शेयरधारकों में एचडीएफसी म्युचुअल फंड और निप्पॉन एमएफ के पास क्रमश: 4.21 फीसदी और 3.97 फीसदी हिस्सेदारी थी।
माइक्रोफाइनैंस ऋणदाता ने 131 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 6.11 करोड़ आंशिक चुकता इक्विटी शेयर जारी किए। पात्र शेयरधारक हर 91 शेयर के लिए 55 शेयर के लिए आवेदन कर सकते हैं और 50 फीसदी (65.5 रुपये प्रति शेयर) भुगतान पहले और बाकी राशि बाद में दे सकते हैं। आय से फ्यूजन फाइनैंस की बैलेंस शीट मजबूत होगी, जिससे वृद्धि के मौके बढ़ेंगे।
फ्यूजन फाइनैंस के प्रबंध निदेशक देवेश सचदेव ने कहा, अतिरिक्त पूंजी से हमारी बैलेंस शीट को मजबूत होगी जिससे हम उभरते अवसरों का लाभ उठा सकेंगे और सभी हितधारकों को स्थायी मूल्य प्रदान करते रहेंगे।
करीब 37 लाख ग्राहकों के साथ फ्यूजन फाइनैंस ग्रामीण क्षेत्रों में वंचित और कम वंचित महिला उद्यमियों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है। उसके पास 10,600 करोड़ रुपये की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) हैं और 22 राज्यों में 1,506 शाखाओं का नेटवर्क है।
इन्वेस्टेक ने अप्रैल में एक नोट में कहा था कि भारतीय माइक्रोफाइनैंस उद्योग के लिए सबसे बुरा समय समाप्त हो गया है और इस क्षेत्र में धीरे-धीरे सुधार और मजबूती की उम्मीद की जा सकती है।

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