इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स की बड़ी पहल, सेना के लिए तैयार किए MP के 7.5 लाख ट्रक
पाकिस्तान से युद्ध जैसे हालात के बीच मप्र के सभी ट्रक ड्राइवरों और कंडक्टरों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश में राष्ट्रभक्ति की लहर दौड़ गई है। इस साहसिक एयर स्ट्राइक का समर्थन न सिर्फ सत्तारूढ़ दल कर रहा है, बल्कि विपक्षी दलों और आम जनता ने भी सेना की वीरता की सराहना की है। इसी उत्साह और समर्थन की भावना के तहत इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने एक सराहनीय पहल करते हुए अपनी सेवाएं देश के नाम करने का ऐलान किया है
प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ट्रक सेवा की पेशकश
ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रस्ताव दिया है कि वे सेना के ट्रांसपोर्ट कार्यों में सहायता के लिए अपने ट्रकों को उपलब्ध कराना चाहते हैं। संगठन ने 8 मई को इस आशय का पत्र जारी किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सी.एल. मुकाती ने जानकारी दी कि प्रदेश भर के लगभग साढ़े सात लाख ट्रक सेना की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।विज्ञापन
सेना के साथ खड़े हैं ट्रांसपोर्ट कर्मचारी
सीएल मुकाती ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान भी संगठन ने एक हजार ट्रक सेना को दिए थे और अब भी यदि आवश्यकता पड़ी तो साढ़े सात लाख ट्रक और उनके चालक तथा परिचालक हर समय सेवा में तत्पर रहेंगे। एसोसिएशन ने यह भी निर्णय लिया है कि ट्रक चालकों और कंडक्टरों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वे 24 घंटे किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पत्र में देश भक्ति की भावनाएं भी प्रकट कीं
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में लिखा गया है, “हमारे देश की आन-बान-शान एवं मां, बहनों, बेटियों के सिंदूर की लाज रखने के लिए किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।” पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि कंधार से लेकर पहलगाम तक भारतीय सेना ने जो शौर्य दिखाया है, वह गर्व का विषय है। संगठन ने लिखा कि उनके ट्रक "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत सेना के सामान को ढोने के लिए तत्पर हैं और वे प्रधानमंत्री के हर आदेश को सिर आंखों पर रखकर पालन करेंगे।

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की