मध्य प्रदेश के आसमान में गरजेंगे फाइटर जेट्स! बजेगा सायरन, मोहन यादव का अलर्ट
भोपाल: पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देने की तैयारियां शुरू कर दी है. पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के पहले 7 मई को देश भर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल होने जा रही है. मध्य प्रदेश के 5 शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में भी मॉक ड्रिल की जाएगी. मध्य प्रदेश के इन 5 शहरों सहित देशभर में 244 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल होगी. मॉक ड्रिल शाम 4 बजे होगा.
क्या होगा वॉर मॉक ड्रिल में
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक के पहले संबोधन में 7 मई को होने वाले सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल की जानकारी दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए मध्य प्रदेश के पांच शहरों में मॉकड्रिल होगी. शाम 4 बजे से सायरन के जरिए खतरे की सूचना, ब्लैक आउट, प्रमुख अधो संरचनाओं को सुरक्षित रखने, दुर्घटना की स्थिति में घायलों को सुरक्षित निकालने जैसी गतिविधियों की ड्रिल की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं. इसको लेकर गृहमंत्रालय द्वारा एसओजी जारी की जा रही है.
मॉक ड्रिल के तीन कैटेगरी में बांटे गए शहर
2010 की अधिसूचना के अनुसार देश भर में संवेदनशीलता के हिसाब से अलग-अलग राज्यों के जिलों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है. कैटेगरी 1 में नई दिल्ली, सूरत, बडोदरा, काकरापार, मुंबई, तारापुर, उरण, तारणपुर, तालचेर, कोटा, रावत-भाट्टा, चेन्नई, कलपक्कम और बुलंदशहर शहर शामिल हैं. कैटेगरी - 2 में मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी शहर हैं.
क्यों किया जाता है मॉक ड्रिल
आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल बेहद जरूरी होता है. आमतौर पर पुलिस सार्वजनिक स्थानों, सरकारी कार्यालयों में आतंकी हमलों और सीआरपीएफ एयरपोर्ट पर आतंकी घटनाओं या फिर आगजनी जैसी दूसरी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए किया जाता है. वहीं वॉर मॉक ड्रिल की जरूरत युद्ध के समय एयर स्ट्राइक जैसी स्थितियों को लेकर देखते लोगों को पहले से तैयार किया जाता है. साथ ही प्रशासनिक और चिकित्सा अमले को भी तैयार किया जाता है.

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