भारत ने IMF बोर्ड में की सख्त नियुक्ति, पाकिस्तान के ऋण प्रस्ताव पर पड़ सकता है असर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत पाकिस्तान के खिलाफ लगातार कई बड़ी कार्रवाई कर रहा है. सिंधु जल संधि हो या फिर पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने आदेश हो. इनके बाद से ही पाकिस्तान की नींद उड़ी हुई है. इस बीच मोदी सरकार ने इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के बोर्ड में परमेश्वरन अय्यर को अस्थायी डायरेक्टर नॉमिनेट किया है.
9 मई को होने वाले IMF की बैठक में परमेश्वरन भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. डिप्लोमेटिक लिहाज 5 दिन बाद शुक्रवार को होने वाली मीटिंग भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इसके साथ ही पाकिस्तान के लिए भारत की ये नियुक्ती परेशान कर सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि क्लाइमेट रेजिलिएंस लोन प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान को 1.3 बिलियन डॉलर (करीब ₹11,000 करोड़) के नए लोन पर विचार होगा. अगर परमेश्वरन ने इस पर आपत्ति जताई तो पाकिस्तान के और भी बुरे दिन आना तय है.
पाकिस्तान की मदद पर भारत लगा चुका आपत्ति
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड को लेकर 5 दिन बाद 9 मई को एक बैठक होने जा रही है. भारत की तरफ से इस मदद को लेकर पहले ही आपत्ति जताई जा चुकी है, इसके साथ ही दोबारा विचार करने की बात कही गई थी. भारत ने दोबारा विचार करने के पीछे की वजह पाकिस्तान का आतंकवादियों को साथ देना बताया था. इसी बैठक में भारत का पक्ष परमेश्वरन रखेंगे. परमेश्वरन फिलहाल वर्ल्ड बैंक में भारत की ओर से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं. अय्यर 1981 बैच के यूपी कैडर के आईएएस ऑफिसर हैं और वो वाटर और सेनिटेशन सेक्रेटरी भी रह चुके हैं. उन्हे इस फील्ड का एक्सपर्ट माना जाता है. वो इस क्षेत्र के एक्सपर्ट के रूप में यूनाइटेड नेशन में भी काम कर चुके हैं.
चारों ओर से पाकिस्तान को घेरेगा भारत
पहलगाम हमले के बाद से ही भारत पाकिसतान को कूटनीतिक तरीके से घेरने की तैयारी कर रहा है. भारत का मानना है कि पहलगाम हमले में पाकिस्तान का हाथ है. इसी के कारण 22 अप्रैल को 26 निर्दोष भारतीयों की मौत हुई थी.
एक हफ्ते पहले ही हटाए गए थे कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन
पिछले हफ्ते IMF में भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन को बर्खास्त कर दिया गया था.सुब्रमण्यन के बाहर निकलने के कारणों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. हालांकि कई तरह की बातें इसको लेकर चलती हैं. ऐसा कहा जाता है कि सुब्रमण्यन ने आईएमएफ के डेटासेट के बारे में सवाल उठाए हैं, यही वहज रही कि उन्हें पद से हटा दिया गया.

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