पिछड़े वर्गों का विरोध करना कांग्रेस के डीएनए में है: शिवराज सिंह चौहान
केंद्र सरकार द्वारा देश में जाति-जनगणना कराने के फैसले के बाद इंडी अलांयस अपनी पीठ थपथपा रहा है। क्रेडिट लेने की होड़ के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के डीएनए में पिछड़ों का विरोध करना ही रहा है। गुरुवार को न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी को पहले इस बारे में जनता को जवाब देना चाहिए कि जब कांग्रेस की सरकार थी तो जाति-जनगणना क्यों नहीं कराई गई। पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर डॉ. मनमोहन सिंह तक इनकी सरकार रही। लेकिन, जाति-जनगणना क्यों नहीं कराई गई। पूर्व पीएम पंडित नेहरू ने तो जाति के आधार पर आरक्षण को ही गलत बताया था। पिछड़ों का विरोध करना कांग्रेस के डीएनए में है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पहले कांग्रेस जवाब दें कि जब उनकी सरकार थी तो उन्होंने जाति-जनगणना क्यों नहीं की? सत्ता में थे तो जाति-जनगणना नहीं कराएंगे, लेकिन जब विपक्ष में हैं तो इसकी मांग करेंगे। कांग्रेस पर तो यह मुहावरा सटीक बैठता है- हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और।
जाति-जनगणना पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी जो दावा कर रहे हैं, पहले वह यह बताएं कि उनकी सरकार थी तो उन्होंने जाति-जनगणना क्यों नहीं करवाई। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जाति-जनगणना कराने के लिए मैं पीएम मोदी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने सही समय पर देशहित में सभी जातियों के विकास और कल्याण के लिए पारदर्शी तरीके से जातिगत जनगणना का फैसला लिया है। कुछ राज्यों में इसे लेकर सर्वे हुआ था और कहीं-कहीं भ्रम भी फैलाया गया। इसे लेकर बवंडर भी मचा। समाज के हर वर्ग के कल्याण की योजनाओं को बनाने के लिए सही डेटा की जरूरत है। वैज्ञानिक ढंग से तैयार की जातिगत जनगणना के आंकड़े सटीक योजनाओं को बनाने में मदद करेंगे। जातिगत जनगणना सामाजिक न्याय का आधार बनेगा।
जाति-जनगणना के प्रारूप के बारे में उन्होंने कहा कि जल्द ही इसका प्रारूप भी आएगा। वहीं, पहलगाम आतंकी घटना के बाद केंद्र सरकार की ओर से लिए गए फैसले पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो राष्ट्रहित में होगा वही निर्णय लिया जाएगा।

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