कब है वट सावित्री व्रत? इस दिन कुंवारी कन्याएं जरूर करें ये काम, अगले लग्न तक मिल जाएंगे पिया!
कई लड़कियों की कुंडली में कुछ दोष होने के कारण शादी में कई समस्याएं आती हैं. कभी रिश्ते बनते-बनते टूट जाते हैं, तो कभी रिश्ते बनने में बहुत देरी होती है. इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए एक शुभ तिथि आ रही है, जो है वट सावित्री व्रत. मान्यता है कि नई नवेली दुल्हन या सुहागिन महिलाएं व्रत रखकर वट सावित्री के दिन वटवृक्ष की पूजा करती हैं, तो उन्हें अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिलता है. लेकिन यह व्रत कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं, जिससे शादी में आ रही समस्याएं समाप्त हो जाएंगी. वट सावित्री व्रत कब है और इस दिन कुंवारी लड़कियां कैसे पूजा करें,
क्या कहते हैं
कि इस साल 2025 में 26 मई को वट सावित्री व्रत रखा जाएगा. वट सावित्री के दिन निर्जला व्रत रखकर सुहागिन महिलाएं वटवृक्ष की पूजा करती हैं. इसके साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
कुंवारी लड़कियां ऐसे करें वट सावित्री के दिन पूजा
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि वट सावित्री के दिन कुंवारी लड़कियां भी अपनी मनोकामना के लिए संध्या काल में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें. साथ ही माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें. इसके साथ ही गौरी मंत्र का जाप करें. ऐसा करने से निश्चित रूप से अगले लग्न में विवाह तय हो जाएगा.

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