मत्स्य पुराण के अनुसार मृत्यु से पहले इंसान को मिलते हैं ये 6 संकेत
व्यक्ति के जीवन में आने को संकेत मिलते हैं. जिनका कोई ना कोई महत्व जरूर होता है. अचानक या जाने अनजाने कुछ ऐसी चीज है दिख जाती है या घटनाक्रम घटित हो जाता है जिसके बड़े दूरगामी परिणाम प्राप्त होते हैं. कुछ संकेत ऐसे होते हैं जो धनलाभ या धनहानि करते हैं.इसके अलावा कुछ ऐसे संकेत हैं जो बड़ी अनहोनी का इशारा करते हैं.
मृत्यु के संकेत : मत्स्य पुराण में स्पष्ट रूप से ऐसे संकेत के बारे में बताया गया है. जिनके घटित होने पर गृह स्वामी अथवा घर में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है.अक्सर हमारे जीवन में ऐसे संकेत मिल जाते हैं. अगर आपके जीवन में ऐसे संकेत दिखते हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिये. ऐसी घटना मृत्यु का इशारा करती हैं.मत्स्य पुराण के अनुसार, मुर्गे की बांग, कबूतर का घर में आना, अस्त्र-शस्त्र पर पक्षी का बैठना, मधुमक्खियों का शहद टपकाना, सफेद कौवे का मैथुन और उल्लू का बोलना मृत्यु के संकेत हैं.
यदि आपको संध्याकाल में मुर्गे की बांग रोज सुनाई देने लगे तो समझ लीजिए की मृत्यु निकट है.इससे आपको सावधान रहना चाहिये.
यदि एक माह तक रोज आपके घर के अंदर कबूतर आने लगे तो समझ लीजिए आपके जीवन पर संकट का इशारा है. ऐसी स्थिति में आपको अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए.
यदि आपके घर में बंदूक, फरसा, तलवार आदि कोई अस्त्र-शस्त्र हैं और उन पर कोई मांस खाने वाला पक्षी आकर बैठ जाए. समझ लीजिए आपकी मृत्यु बहुत निकट है.
यदि आपके घर में मधुमक्खियां ने कई छत्ते लगा रखे हैं और उन छत्तों में से शहद अपने आप टपक रहा है तो समझिए घर में किसी की मृत्यु का संकेत है.
मत्स्य पुराण की अनुसार यदि सफेद रंग का कौवा आपको मैथुन या संभोग करते हुए दिख जाए तो यह बहुत गंभीर संकेत है. इसका अर्थ है कि निकट भविष्य में आपकी मृत्यु हो सकती है.
यदि आपके द्वार पर रोज या अक्सर उल्लू बोल रहा है तो मत्स्य पुराण के अनुसार उस घर के स्वामी की मृत्यु निश्चित है अथवा ऐसे घर का विनाश हो जाता है.

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