पाकिस्तान के क्वेटा में कर्फ्यू के बाद इंटरनेट पर बैन, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में सरकार और सेना की कार्रवाई लगातार जारी है. क्वेटा में कर्फ्यू लगाने के बाद अब पाकिस्तान की सरकार ने इंटरनेट पर बैन लगा दिया है. यह बैन ऐसे वक्त में लगाया गया है, जब क्वेटा के कई जगहों पर लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक प्रशासन ने अचानक से क्वेटा शहर में इंटरनेट बैन करने का फैसला किया है. सरकार के इस फैसले की वजह से स्थानीय लोगों की टेंशन बढ़ गई है. इंटरनेट बंद करने का फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है, जब क्वेटा में कर्फ्यू लगा हुआ है.
सरकार के अधिकारियों ने अब तक इंटरनेट बंद करने का कोई भी कारण नहीं बताया है, लेकिन कहा जा रहा है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान की सेना कोई बड़ा ऑपरेशन करने जा रही है.
पहले क्वेटा शहर के बारे में जानिए
क्वेटा शहर बलूचिस्तान का एक बड़ा शहर है, जो पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सीमा पर स्थित है. क्वेटा बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी भी है. बलूचिस्तान को लेकर यहीं पर सबसे ज्यादा आंदोलन होते हैं.
क्वेटा शहर में ही बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री रहते हैं और यहीं पर विधानसभा भी है. पिछले कई दिनों से लोगों के गायब होने को लेकर क्वेटा में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
सवाल- क्या कुछ बड़ा होने वाला है?
पाकिस्तान में पिछले दिनों ट्रेन हाईजैक की घटना हुई थी, जिसके बाद से पाक आर्मी ने बलूचिस्तान के लड़ाकों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. पाकिस्तान की सेना ईद के बाद इन लड़ाकों को सबक सिखाने की रणनीति पर काम कर रही थी.
ऐसे में ईद के बाद जिस तरीके से क्वेटा में पहले कर्फ्यू और अब इंटरनेट बंद करने का फैसला किया गया है, उससे कहा जा रहा है कि पाक की सेना यहां कोई बड़ा ऑपरेशन चला सकती है.
पाकिस्तान आर्मी ने हाल ही में एक बयान में अपने सैनिकों को अलर्ट करते हुए कहा था कि आप लोग या तो नौकरी छोड़ दीजिए या मजबूती से लड़िए.

धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की